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मधुमेह रोगियों को हृदय रोग से मृत्यु का खतरा दोगुना क्यों होता है?

October 8, 2023

मधुमेह रोगियों को हृदय रोग से मृत्यु का खतरा दोगुना क्यों होता है?

सयोल: एक अध्ययन से पता चला है कि मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों में कम मांसपेशी द्रव्यमान हृदय रोग से मृत्यु के दोगुने जोखिम से जुड़ा होता है। अध्ययन से पता चला कि एसोसिएशन कमजोरी, ग्लाइसेमिक नियंत्रण और माइक्रोवैस्कुलर जटिलताओं रेटिनोपैथी (रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुक्सान) और नेफ्रोपैथी (गुर्दे की बीमारी) से स्वतंत्र है। सरकोपेनिया-उम्र से संबंधित मांसपेशियों और ताकत की हानि को मधुमेह वाले व्यक्तियों में हृदय रोग (सीवीडी) और मृत्यु दर से जुड़ा हुआ माना जाता है।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह रिश्ता उनके रक्त शर्करा नियंत्रण या उनके मधुमेह की जटिलताओं से किस हद तक प्रभावित हो रहा था। यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी आफ डायबिटीज (ईएएसडी) की हालिया वार्षिक बैठक में प्रस्तुत शोध से पता चला है कि कम मांसपेशी द्रव्यमान वाले लोगों में सामान्य मांसपेशी द्रव्यमान वाले लोगों की तुलना में फॉलोअप के दौरान मरने की संभावना 44 प्रतिशत अधिक है। सामान्य मांसपेशी द्रव्यमान वाले लोगों की तुलना में सीवीडी से मरने की संभावना दोगुनी है।

आगे के विश्लेषण से पता चला कि एचबीए1सी (रक्त शर्करा नियंत्रण का एक उपाय) और माइक्रोवैस्कुलर जटिलताओं के बावजूद, कम मांसपेशी द्रव्यमान सर्व-मृत्यु दर और सीवीडी मृत्यु दर से जुड़ा हुआ है। दक्षिण कोरिया गणराज्य के सियोल में हैलीम विश्वविद्यालय से डा. शिंजे मून व डा. जे म्युंग यू ने कहा, ‘हमारे नतीजे बताते हैं कि मधुमेह से पीड़ित जिन लोगों की मांसपेशियां कम होती हैं, उनमें मृत्यु का खतरा कमजोरी, खराब रक्त शर्करा नियंत्रण या माइक्रोवस्कुलर जटिलताओं के कारण नहीं, बल्कि मांसपेशियों के नुकसान के कारण होता है।’ उन्होंने यह निर्धारित करने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता पर बल दिया कि सरकोपेनिया मृत्यु के जोखिम को कैसे बढ़ाता है।

मधुमेह से पीड़ित 1,514 वयस्कों पर किया गया अध्ययन
डा. शिंजे मून व डा. जे म्युंग यू के अनुसार ‘मोटापे का इलाज करते समय और मधुमेह वाले लोगों में वजन का प्रबंधन करते समय शरीर की संरचना पर विचार करना महत्वपूर्ण है।’ अध्ययन के लिए, उन्होंने अमरीका में मधुमेह से पीड़ित 1,514 वयस्कों (20 वर्ष से अधिक उम्र) के डाटा का उपयोग किया। लगभग 55.6 प्रतिशत महिलाओं की मांसपेशियों का द्रव्यमान कम था।

कम मांसपेशी द्रव्यमान वाले प्रतिभागियों की औसत आयु 63.5 वर्ष और मधुमेह की औसत अवधि 14.5 वर्ष थी। लगभग 1,318 प्रतिभागियों (48.3 प्रतिशत महिला) की मांसपेशियों का द्रव्यमान सामान्य था। उनकी औसत आयु 54 वर्ष थी और औसत मधुमेह अवधि 10.4 वर्ष थी। प्रतिभागियों पर औसतन 9.3 वर्षों तक नजर रखी गई। इस दौरान किसी भी कारण से 413 मौतें हुई (106 कम मांसपेशी द्रव्यमान और 307 सामान्य मांसपेशी द्रव्यमान)। इनमें से लगभग 147 मौतें सीवीडी (42 कम मांसपेशी द्रव्यमान, 105 सामान्य मांसपेशी द्रव्यमान) से हुईं।

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