Last Updated: November 5, 2026

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प्रदूषण के जहर से बचाएंगे ये 5 योगासन, जानिए कैसे करें रोज़ अभ्यास, मिलेंगे कई फायदे

October 21, 2025

प्रदूषण के जहर से बचाएंगे ये 5 योगासन, जानिए कैसे करें रोज़ अभ्यास, मिलेंगे कई फायदे

लाइफस्टाइल डेस्क : देशभर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों में सांस संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषित हवा से बचाव के लिए योग और प्राणायाम बेहद कारगर उपाय हैं। ये न केवल फेफड़ों को मजबूत बनाते हैं बल्कि शरीर में ऑक्सीजन का स्तर भी बढ़ाते हैं। यहां जानिए ऐसे 5 योगासन, जिन्हें रोज करने से प्रदूषण के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

1. अनुलोम-विलोम प्राणायाम
यह सबसे आसान और प्रभावी योगाभ्यासों में से एक है। इसे करने से दिल की बीमारियां और ब्लड प्रेशर की समस्या दूर होती है। आसन पर बैठकर नाक के दाहिने छिद्र से सांस अंदर लें और बाएं छिद्र से बाहर छोड़ें। फिर बाएं छिद्र से सांस खींचकर दाहिने से छोड़ें। शुरुआत में इसे 3 मिनट तक करें और धीरे-धीरे अभ्यास को 10 मिनट तक बढ़ाएं। इससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह सुधरता है।

2. कपालभाति प्राणायाम
कपालभाति प्रदूषण से प्रभावित फेफड़ों को साफ करने में मदद करता है। इससे शरीर में मौजूद विषाक्त तत्व बाहर निकल जाते हैं और खून शुद्ध होता है। योगा मैट पर पालथी मारकर बैठें, आंखें बंद करें और ध्यान लगाएं। अब पेट को अंदर की ओर खींचते हुए नाक से तेज सांस बाहर फेंकें। इसे लगातार कुछ मिनट करें।

3. भ्रामरी प्राणायाम
यह प्राणायाम दमा, कफ और वात रोगों में लाभदायक है। सुखासन या पद्मासन में बैठें, आंखें बंद रखें। दाहिने हाथ की अनामिका से बाईं नासिका बंद करें और दाहिनी नासिका से सांस अंदर लें। फिर बाईं नासिका से सांस बाहर छोड़ें। इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराएं। इससे फेफड़े मजबूत होते हैं और प्रदूषण का असर घटता है।

4. बाह्य प्राणायाम
यह अभ्यास फेफड़ों से गंदी हवा निकालकर उन्हें ताजा ऑक्सीजन देता है। सामान्य स्थिति में बैठकर गहरी सांस लें और तीन बार सांस रोकते हुए बाहर छोड़ें। ठोड़ी को सीने से लगाकर पेट को अंदर खींचें और धीरे-धीरे सांस लें। यह क्रिया तीन बार दोहराएं।

5. “हम्म्म्म” मंत्र योग
यह ध्वनि-आधारित प्राणायाम है जो मन और शरीर को शांति देता है। गहरी सांस लेते हुए “हम्म्म्म” मंत्र का उच्चारण करें और धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें। इसे 10 से 15 मिनट तक करें। यह फेफड़ों को मजबूती देने के साथ तनाव भी घटाता है।

नियमित रूप से इन पांच योगासनों का अभ्यास करने से प्रदूषण के हानिकारक प्रभाव से शरीर को बचाया जा सकता है और फेफड़ों की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होता है।

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