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हिंदुकुश हिमालय में बर्फबारी रिकॉर्ड स्तर पर कम होने से जल संकट की आशंका

June 18, 2024

हिंदुकुश हिमालय में बर्फबारी रिकॉर्ड स्तर पर कम होने से जल संकट की आशंका

नई दिल्ली: हिंदुकुश हिमालय में इस वर्ष बर्फबारी में रिकॉर्ड स्तर की गिरावट के कारण निचले इलकों में रहने वाले लोगों को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है। एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। नेपाल स्थित अंतरसरकारी संगठन ‘अंतर्राष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केन्द्र’ (आईसीआईएमओडी) के प्रमुख विशेषज्ञों ने जल प्रबंधन अधिकारियों से सूखा प्रबंधन रणनीतियों और आपातकालीन जल आपूíत उपायों को शुरू करने का आग्रह किया है। हिंदुकुश हिमालय क्षेत्र पृथ्वी की सतह पर जमे पानी पर व्यापक रूप से निर्भर करता है, जिसमें बर्फ, पर्माफ्रॉस्ट (ऐसी सतह जो पूरी तरह से जमी हुई होती है), बर्फ के पहाड़, झील और नदियां शामिल हैं।

हिंदुकुश हिमालय क्षेत्र में रहने वाले लगभग 24 करोड़ लोगों के लिए यह जमा हुआ पानी ताजे जल का एक महत्वपूर्ण स्नेत है और निचले इलाके में रहने वाले लगभग 165 करोड़ लोगों को इस जमे हुए जल से दूरगामी लाभ होता है। बर्फ पिघलने से हिंदुकुश हिमालय क्षेत्र से उत्पन्न होने वाली 12 प्रमुख नदी घाटियों के कुल जल प्रवाह का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा बनता है। हालांकि इसका योगदान नदी दर नदी अलग-अलग होता है। अमु दरिया के जल प्रवाह में 74 प्रतिशत, हेलमंद के जल प्रवाह में 77 प्रतिशत और सिंधु के जल प्रवाह में 40 प्रतिशत पानी बर्फ पिघलने से आता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ष पूरे क्षेत्र में बर्फबारी का स्तर सामान्य से लगभग पांचवे हिस्से से भी नीचे है। बर्फबारी में सबसे ज्यादा कमी पश्चिम में हुई है, जहां बर्फ पिघलने से जल आपूíत सबसे ज्यादा होती है। सोमवार को जारी स्नो अपडेट रिपोर्ट- 2024 के मुताबिक, गंगा बेसिन में बर्फ का स्तर सामान्य से 17 प्रतिशत कम और ब्रह्मपुत्र बेसिन में सामान्य से 14.6 प्रतिशत कम रहा। वहीं हेलमंद नदी बेसिन में बर्फ के स्तर में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, जहां सामान्य से 31.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी। इससे पहले बर्फ की मौजूदगी का सबसे कम स्तर 2018 में रहा था, जब इसमें 42 प्रतिशत की कमी आई थी।

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