सोनीपत। एक युवक को शादी के लिए न करना इतना महंगा पड़ा कि उसकी जिंदगी तबाह हो गई। युवती ने उस पर एसिड अटैक कर दिया। अतिरिक्त सत्र और न्यायाधीश की अदालत ने युवती को चार साल बाद 10 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा उसे एक लाख रुपये जुर्माना भी भरना होगा। ये लड़की रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काटेगी।
बुआ के पास रहता था श्याम
युवती ने यह तेजाब सोनीपत के गांव कसंदा में रहने वाले श्याम सिंह पर फेंका था। इस मामले में श्याम की बुआ अनीता का कहना था कि 2016 में माता-पिता की मृत्यु के बाद श्याम सिंह उनके पास शहर के मयूर विहार में रहने लगा। यहां नौकरी करते समय उसकी मुलाकात अंजलि से हुई। ये दोनों फोन पर बातें करने लगे। श्याम ने अंजलि को बताया कि बुआ उसकी शादी कराना चाहती हैं। इस पर अंजलि ने अपनी शादी की बात करने के लिए कहा। बुआ के अनुसार, अंजलि के बारे में पता लगा था कि वह शादीशुदा है।
अंजिल ने परिणाम भुगतने की दी थी धमकी
इस कारण जब अंजलि की मां शादी की बात करने उनके घर आईं तो उन्होंने मना कर दिया। बु आ ने बताया कि शादी से मना करने से नाराज अंजलि ने अंजाम भुगतने की धमकी दी। 26 अक्तूबर 2022 को शाम करीब 5:30 बजे श्याम जब दूध लेने गया तो अंजलि ने एसिड फेंक दिया। कहा-बेटे तू भी याद रखेगा। इसके बाद श्याम को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद रोहतक पीजीआई लाए।
मासूम को छोड़ अब काटेगी सजा
कोर्ट ने सारे तथ्यों और साक्ष्यों को देखते हुए 29 अप्रैल को अंजलि को दोषी करार दिया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि अंजलि के पास साढ़े तीन महीने का बच्चा है।उसने पहले कोई ऐसा अपराध नहीं किया। लिहाजा, सजा में नरमी बरती जाए। पीड़ित पक्ष ने कहा कि एसिड अटैक गुस्से में किया सामान्य शारीरिक हमला नहीं है। यह सोची-समझी साजिश है। इससे पीड़ित के मन, शरीर और गरिमा पर गहरे घाव छूटते हैं। दोषी को कड़ी सजा दी जाए। शुक्रवार को कोर्ट ने दोषी को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई।
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