नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया है। पिछले 36 घंटों से जारी भारी बारिश ने यात्रा मार्गों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे रास्तों की मरम्मत आवश्यक हो गई है।
स्खलन में एक महिला श्रद्धालु की मौत
बुधवार को गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग पर हुए भूस्खलन में एक महिला श्रद्धालु की जान चली गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल यात्रा को रोकने का निर्णय लिया। संभागीय आयुक्त विजय कुमार बिधूड़ी ने बताया कि 17 जुलाई को बालटाल और पहलगाम – दोनों ही आधार शिविरों से यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने मार्गों को सुचारू बनाने के लिए भारी संख्या में श्रमिकों और मशीनरी को तैनात किया है। फिलहाल, केवल पंजतरणी आधार शिविर में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षा बलों की निगरानी में बालटाल की ओर वापस लाया जा रहा है।
मौसम का कहर और प्रशासन की तैयारियाँ
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी दी है। अमरनाथ यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि मौसम में सुधार होने पर शुक्रवार से यात्रा दोबारा शुरू की जा सकती है।
अब तक 2.35 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
तीन जुलाई से शुरू हुई इस बार की यात्रा में अब तक 2.35 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। जम्मू से अब तक 1.01 लाख श्रद्धालु घाटी के लिए रवाना हो चुके हैं। इस वर्ष कुल चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
श्रद्धालुओं से अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की परिस्थितियों और सरकारी निर्देशों का पालन करें। सभी श्रद्धालुओं को अस्थायी शिविरों में आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं और स्थिति सामान्य होते ही यात्रा को पुनः आरंभ करने की पूरी तैयारी की जा रही है।
समापन नौ अगस्त को
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा का समापन 9 अगस्त को रक्षा बंधन के पावन अवसर पर होगा। पिछले वर्ष 5.10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा में हिस्सा लिया था। प्रशासन इस वर्ष भी सुरक्षित और सफल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।