CBI may investigate Ram Temple offerings : अयोध्या। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दानपात्रों से चढ़ावा चोरी के आरोपों का मामला अब न्यायिक जांच के दायरे में पहुंच गया है। इस प्रकरण के लिए दाखिल जनहित याचिका (PIL) पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।
12 जून को दाखिल की थी PIL
याचिका में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने और मंदिर में प्राप्त चढ़ावे व संपत्तियों का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से ऑडिट कराने की मांग की गई है। यह पीआईएल 12 जून को दाखिल की गई थी, लेकिन ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान समयाभाव के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब यह जनहित याचिका 6 जुलाई की वाद सूची में न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने व्यक्तिगत रूप से यह जनहित याचिका दाखिल की है।
CBI जांच और CAG ऑडिट की मांग
इसमें कथित गबन मामले की जांच समेत केस दर्ज करने के निर्देश CBI को देने का कोर्ट से आग्रह किया है। साथ ही श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के दानपात्रों में चढ़ावे के रूप में मिलने वाली नकद धनराशि, सोने चांदी के आभूषणों और अन्य कीमती वस्तुओं का आडिट महालेखा परीक्षक नियंत्रक (कैग) से कराने की मांग भी की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक भगवान श्रीराम जी के मंदिर में दान व चढ़ावे की संपत्ति के कथित गबन के आरोपों का मामला अखबारों में छप रहा है।
निष्पक्ष जांच और ऑडिट की मांग
इससे भक्तों की भावनाओं को ठेस पंहुची है। ऐसे में इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और ऑडिट होना आवश्यक है। याची ने राज्य सरकार को भी यह भी निर्देश देने की मांग की है कि मामले की तफ्तीश किसी पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी की देखरेख में कराई जाए। याचिका में केंद्र, राज्य सरकार के सतर्कता विभाग के प्रमुख सचिव, सी बी आई के निदेशक, कैग और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इसके चेयरपर्सन के माध्यम से पक्षकार बनाया गया है।
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