छपरा/मुजफ्फरपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरवार को बिहार में विपक्षी दल कांग्रेस-राजद गठबंधन पर छठी मैया का अपमान करने, अयोध्या में राम मंदिर से समस्याएं होने और वोट बैंक तथा तुष्टिकरण की राजनीति के लिए घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने मुजफ्फरपुर और छपरा में अपनी रैलियों में यह टिप्पणी की। उनका यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा बुधवार को यह आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद आया है कि प्रधानमंत्री ने छठ पूजा के अवसर पर दिल्ली में यमुना में डुबकी लगाने की योजना बनाकर ‘नाटक’ करने की कोशिश की, लेकिन यह बात उजागर होने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया कि नदी अस्वच्छ होने के कारण एक गड्ढा बनाकर उसमें साफ पानी भरा गया है।
प्रधानमंत्री ने राज्य के लोगों से ‘नरेंद्र-नीतीश’ गठबंधन में अपना विश्वास बनाए रखने का आग्रह किया। उनका स्पष्ट इशारा जद (यू) अध्यक्ष की ओर था, जो बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं। मुजफ्फरपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘छठ पूजा अब दुनिया भर में प्रसिद्ध है और छठ के बाद यह बिहार का मेरा पहला दौरा है। यह पर्व न केवल भक्ति का प्रतीक है बल्कि समानता का भी प्रतीक है। यही कारण है कि मेरी सरकार इस पर्व को यूनेस्को विरासत का दर्जा दिलाने का प्रयास कर रही है।’ मोदी ने कहा, ‘इन लोगों के मन में बिहार के लोगों के प्रति कितनी घृणा है, इसे देखिए।
इनके एक नेता ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए एक सार्वजनिक रैली में कहा था कि बिहारियों को भगा दिया जाना चाहिए और कांग्रेस में एक बड़े परिवार की बेटी, जो अब संसद में हैं, इस पर खूब हंसी थीं और ताली बजाई थीं।’ उनका इशारा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर था। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’, राजद-कांग्रेस गठबंधन तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के अलावा कुछ नहीं कर सकता और इसके लिए लिए वे घुसपैठियों को संरक्षण दे रहे हैं।’ उनका संकेत विपक्षी गठबंधन का मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर कड़े रुख की ओर था।
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मेष: दिन शुभ रहेगा...