Last Updated: October 2, 2026

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इस चीनी ऐप से बीच सड़क बंद हो रहे ई-रिक्शा? बिजनौर से दिल्ली तक मचा हड़कंप

July 2, 2026

इस चीनी ऐप से बीच सड़क बंद हो रहे ई-रिक्शा? बिजनौर से दिल्ली तक मचा हड़कंप

E-Rickshaw issue : सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के बीच ई-रिक्शा चालकों की चिंता बढ़ गई है। कुछ वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक मोबाइल ऐप के जरिए चलती हुई बैटरी को दूर से लॉक किया जा सकता है, जिसके कारण ई-रिक्शा अचानक बंद हो रहे हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

बिजनौर में ई-रिक्शा चालकों की शिकायत

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना क्षेत्र में कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके वाहन चलते समय अचानक बंद या लॉक हो जा रहे हैं। चालकों का कहना है कि यह समस्या लगातार बढ़ रही है और इससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, करीब 80 ई-रिक्शा चालकों ने इस तरह की तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत की है। कुछ चालकों ने इसे संभावित “साइबर अटैक” तक करार दिया है, हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक या आधिकारिक प्रमाण अभी सामने नहीं आया है।

सोशल मीडिया पर BAT-BMS ऐप को लेकर दावे

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर BAT-BMS नामक ऐप को लेकर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इस ऐप के जरिए ब्लूटूथ से ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से कंट्रोल कर उसे लॉक किया जा सकता है।

इन दावों के बाद ई-रिक्शा चालकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल वीडियो में दिखाए जा रहे दावे तकनीकी रूप से पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।

BAT-BMS ऐप क्या है?

जानकारी के अनुसार, BAT-BMS एक मोबाइल एप्लिकेशन है जिसे चीन की कंपनी Shenzhen Greenenergy Technology द्वारा विकसित किया गया है। यह ऐप मुख्य रूप से स्मार्ट लिथियम बैटरियों की निगरानी के लिए बनाया गया है।

यह एप्लिकेशन बैटरी से जुड़ी जानकारी जैसे चार्जिंग लेवल, वोल्टेज, तापमान और करंट आदि को ट्रैक करने की सुविधा देता है। कुछ स्मार्ट बैटरियों में चार्जिंग को ऑन-ऑफ करने जैसे सीमित कंट्रोल फीचर्स भी मौजूद हो सकते हैं, लेकिन इसका उद्देश्य बैटरी मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग है।

क्या ऐप से ई-रिक्शा को लॉक किया जा सकता है?

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बैटरी से ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट होने के लिए पहले पेयरिंग और अनुमति जरूरी होती है। बिना अनुमति किसी भी चलते वाहन या बैटरी को दूर से कंट्रोल करना सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं माना जाता।

जांच में यह भी सामने आया है कि ऐप में बैटरी से संबंधित डेटा देखने और सीमित कंट्रोल फीचर्स तो मौजूद हैं, लेकिन सीधे किसी ई-रिक्शा को बंद या लॉक करने का स्पष्ट विकल्प नहीं मिलता।

हर ई-रिक्शा में नहीं है यह तकनीक

भारत में चलने वाले अधिकांश ई-रिक्शा अभी भी सामान्य लिथियम या लीड-एसिड बैटरियों पर आधारित हैं, जिनमें ब्लूटूथ BMS जैसी स्मार्ट तकनीक नहीं होती।

कुछ आधुनिक मॉडलों में ही स्मार्ट बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से सुरक्षा और बैटरी हेल्थ मॉनिटरिंग के लिए किया जाता है।

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प्रशासन कर रहा है मामले की जांच

स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिजनौर में सामने आए मामलों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ई-रिक्शा बंद होने के पीछे कोई ऐप, तकनीकी खराबी या बैटरी से जुड़ी समस्या जिम्मेदार है।

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

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