EV boom in India : नई दिल्ली। भारत में परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव तेजी से दिखाई दे रहा है। बढ़ती पेट्रोल कीमतों, कम परिचालन लागत और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते लोग अब पारंपरिक पेट्रोल वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को प्राथमिकता देने लगे हैं।
खास बात यह है कि यह बदलाव अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। अप्रैल से जून 2026 के दौरान देश में पहली बार तीन महीनों के भीतर 5 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री दर्ज होना इस बदलते रुझान का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है। यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय ईवी बाजार अब तेजी से मेनस्ट्रीम बनता जा रहा है। वाहन पोर्टल के रजिस्ट्रेशन आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से जून 2026 के दौरान देशभर में 5,23,548 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ।
पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 3,11,857 यूनिट था। यानी एक साल के भीतर बिक्री में करीब 68 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह अब तक की सबसे बड़ी तिमाही उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। सिर्फ तिमाही ही नहीं, जून 2026 का प्रदर्शन भी बेहद शानदार रहा। इस महीने कुल 1,93,495 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्टर हुए। यह जून 2025 के मुकाबले करीब 75 फीसदी ज्यादा है। वहीं मई 2026 की तुलना में भी बिक्री में लगभग 12 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली। लगातार बढ़ती बिक्री इस बात का संकेत है कि अब ग्राहकों का भरोसा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुका है।
बाजार में लगातार नए मॉडल्स की एंट्री, बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी, कम रनिंग कॉस्ट और आसान चार्जिंग सुविधाओं ने इलेक्ट्रिक वाहनों को पहले से ज्यादा आकर्षक बना दिया है। इसके साथ ही बड़े ऑटो ब्रांड्स भी इस सेगमेंट में तेजी से नए प्रोडक्ट लॉन्च कर रहे हैं, जिससे ग्राहकों के पास अब हर बजट में कई विकल्प मौजूद हैं। यही वजह है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बनते जा रहे हैं। जून 2026 में टीवीएस मोटर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार की सबसे बड़ी कंपनी रही। कंपनी ने 46,999 यूनिट बेचकर करीब 24.3 फीसदी मार्केट शेयर हासिल किया। इसके बाद बजाज ऑटो ने 43,234 यूनिट के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
एथर एनर्जी ने 31,188 यूनिट बेचकर तीसरी पोजिशन बरकरार रखी। हीरो मोटोकॉर्प चौथे स्थान पर रही, जबकि ओला इलेक्ट्रिक पांचवें नंबर पर रही। इन कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन ने पूरे ईवी बाजार को नई रफ्तार दी है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जून 2026 में देश में बिकने वाले कुल दोपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक मॉडल्स की हिस्सेदारी 10.6 फीसदी तक पहुंच गई। मई में यह आंकड़ा 9.3 फीसदी था। यानी अब भारत में बिकने वाले हर 10 दोपहिया वाहनों में से एक इलेक्ट्रिक वाहन है। यह बदलाव आने वाले समय में ईवी बाजार के और तेजी से विस्तार की ओर इशारा करता है।
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