
फतेहाबाद। अदालत ने पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी विक्रम उर्फ रॉकी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। यह सजा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग फतेहाबाद की अदालत ने दी।
दो लाख जुर्माने में से एक लाख रुपये सरकारी खजाने में और एक लाख रुपये पीड़िता को बतौर मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। इस मामले की प्रभावी पैरवी देवेंद्र मित्तल, जिला न्यायवादी और नवदीप, सहायक जिला न्यायवादी की ओर से की गई। देवेंद्र मित्तल, जिला न्यायवादी फतेहाबाद ने बताया कि 28 जून 2024 को एक शिकायतकर्ता की ओर से थाना सदर फतेहाबाद में शिकायत दी थी कि उसकी नाबालिग पुत्री घर से लापता हो गई है और किसी युवक के उसे बहला-फुसलाकर ले जाने का संदेह है। शिकायत के आधार पर थाना सदर फतेहाबाद में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने जांच के दौरान 31 जुलाई 2024 को नाबालिग लड़की को राजस्थान से ढूंढ निकाला। जांच में आरोपी विक्रम की संलिप्तता पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया। अनुसंधान, मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 376 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ीं। देवेंद्र मित्तल, जिला न्यायवादी फतेहाबाद ने बताया मुकदमे की पूर्ण जांच उपरांत आरोपी के खिलाफ चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद माननीय अदालत की ओर से गवाहों की ठोस गवाही और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को अदालत की ओर से उपरोक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई।
एक नजर इधर भी :-