नेशनल डेस्क: शनिवार सुबह कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार ने एक घंटे की ब्रेकफ़ास्ट मीटिंग के बाद एक बार फिर साफ कर दिया कि कांग्रेस पार्टी के अंदर किसी तरह का मतभेद नहीं है। दोनों नेताओं ने कहा कि वे कांग्रेस हाईकमान के हर फैसले का पालन करेंगे और किसी भी तरह की “कन्फ्यूजन” को खत्म कर दिया गया है।
क्या बोले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम ने कहा, “हम हाईकमान जो भी कहेगा, उसी के अनुसार काम करेंगे। मीडिया की कुछ रिपोर्ट्स ने गलतफहमी फैलाई, लेकिन हमारे बीच कोई कन्फ्यूजन नहीं है।” उन्होंने बताया कि कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के कहने पर उन्होंने डीके शिवकुमार और ए.एस. पोन्ना को नाश्ते पर बुलाया, जहां राज्य की प्राथमिकताओं और भविष्य की रणनीति पर बात हुई।
चर्चा में क्या-क्या शामिल रहा?
सीएम के मुताबिक, दोनों नेताओं ने 2028 के विधानसभा चुनाव, आने वाले स्थानीय निकाय चुनाव, और कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाने की रणनीति पर खुलकर चर्चा की। सिद्धारमैया ने साफ कहा, “हम साथ मिलकर काम करते हैं। 2023 की तरह आगे भी एकजुट रहेंगे। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है और न ही आगे होगा।”
विपक्ष पर निशाना
सीएम ने BJP और JDS पर “झूठे आरोप” लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा लाया जाने वाला नो-कॉन्फिडेंस मोशन बेकार है। उनके मुताबिक BJP के पास 60, JDS के पास 18 और कांग्रेस के पास 140 विधायक हैं। इसलिए विपक्ष उनके खिलाफ कुछ नहीं कर सकता।
डीके शिवकुमार ने क्या कहा?
डिप्टी सीएम शिवकुमार ने भी एकता का संदेश दोहराया। उन्होंने कहा, “हम राज्य की जनता की उम्मीदों को पूरा करना चाहते हैं। पार्टी हाईकमान ने जो तय किया है, हम वही करेंगे।” आने वाले 8 दिसंबर के विधानसभा सत्र को लेकर उन्होंने कहा कि सारी तैयारियाँ पूरी हैं और पार्टी के अंदर किसी तरह की गुटबाजी नहीं है।
अब हाईकमान के हाथ में फैसला
हालांकि दोनों नेता एकजुट दिखे, लेकिन कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर अंतिम फैसला अब पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ही करेंगे, जो जल्द ही दोनों नेताओं और अन्य विधायकों से मुलाकात करेंगे।
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