करनाल।असंध ब्लॉक की दो राइस मिलों में धान घोटाले का नया मामला सामने आया है। एचएएफईडी और सीएम फ्लाइंग स्क्वाड की संयुक्त जांच टीम ने भौतिक सत्यापन के दौरान करीब 25,000 क्विंटल धान की कमी पाई है।
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एचएएफईडी जिला प्रबंधक (डीएम) किरपाल दास ने दोनों मिलों के खिलाफ असंध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। रिपोर्ट लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी।
इस बीच, फील्ड इंस्पेक्टर अशोक कुमार और सीनियर मैनेजर सुरिंदर कुमार को अनियमितताओं में लिप्त पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है।
पिछले हफ्ते भी एचएएफईडी ने तत्कालीन डीएम अमित शर्मा को निलंबित किया था। 4 नवंबर की जांच में राधे राधे राइस मिल और अग्रवाल राइस मिल में क्रमशः 15,500 और 8,910 क्विंटल धान की कमी मिली थी।
नए डीएम किरपाल दास की निगरानी में दोबारा जांच हुई, जिसमें पहली रिपोर्ट की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि सीएम फ्लाइंग स्क्वाड की रिपोर्ट सही साबित हुई है, इसलिए दोनों मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
अधिकारियों को शक है कि मामला फर्जी खरीद (Proxy Procurement) से जुड़ा है, यानी धान की खरीद सिर्फ कागजों में दिखाई गई। एसपी करनाल गंगा राम पुनिया ने कहा कि शिकायत मिली है, और जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब तक जिले में तीन केस दर्ज हो चुके हैं, जिनमें दो मार्केट कमेटी सचिव, एक राइस मिलर और पांच अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी गठित की गई है, जिसमें डीएसपी रैंक अधिकारी, सीआईए-2 और साइबर टीम शामिल हैं।
टीम “घोस्ट पैडी” ट्रेल की जांच कर रही है — ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से लेकर फर्जी भुगतान तक। जांच का मकसद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना है।
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