कैथल। जिला परिषद की बुधवार को हुई बैठक उस वक्त असहज हो गई, जब वाइस चेयरपर्सन सोनिया देवी के पति कर्मबीर फौजी हथियार के साथ सभा कक्ष में आ बैठे। वे अधिकारियों और पार्षदों की पहली पंक्ति में मौजूद रहे और विकास कार्यों से जुड़े अपने मुद्दे उठाते रहे।
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बैठक में आए सदस्य एजेंडा को कम और उनकी कमर पर दिख रही पिस्तौल को ज्यादा देखते रहे। नियमों के मुताबिक प्रतिनिधि न तो बैठक में शामिल हो सकते हैं और न ही किसी भी तरह का असला लेकर हाउस में प्रवेश कर सकते हैं।
डीएमसी कपिल शर्मा ने बताया कि जिला परिषद की बैठक का निमंत्रण उन्हें सिर्फ दस मिनट पहले भेजा गया था। उन्होंने माना कि किसी प्रतिनिधि का हथियार के साथ बैठक में बैठना पूरी तरह गलत है।
कर्मबीर फौजी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें इस बात का अहसास ही नहीं रहा कि वे पिस्तौल लिए हुए पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि हाउस की गरिमा उनके लिए सर्वोपरि है और आगे ऐसी गलती नहीं होगी।
बैठक के दौरान और भी उल्लंघन सामने आए। कई पार्षद पीछे की सीटों पर थे, जबकि उनके प्रतिनिधि अगली पंक्ति में बैठे दिखाई दिए। मंच पर भी चेयरमैन और डीएमसी के साथ एक प्रतिनिधि के मौजूद रहने की तस्वीरें सामने आईं।
जुलाई में हुई बैठक में वार्ड नंबर दो के पार्षद दीपक मलिक ने स्पष्ट रूप से कहा था कि प्रतिनिधियों को हाउस से बाहर रखा जाए, लेकिन बुधवार की बैठक में वही स्थिति दोहराई गई। अब इस घटना को लेकर नियम पालन पर प्रशासनिक कार्रवाई की चर्चा भी तेज है।
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