कैथल। सहकारी चीनी मिल में नए पेराई सत्र 2025-26 को लेकर गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। पिछले वर्ष सत्र छह दिसंबर से शुरू हुआ था, लेकिन इस बार तैयारियाँ पहले ही तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं। मिल प्रबंधन सभी यूनिट्स को सीजन से पहले दुरुस्त स्थिति में लाने पर जोर दे रहा है।
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वहीं, सभी विभागों की टीमें स्टेशनों पर मौजूद रहकर तकनीकी जांच कर रही हैं। क्रशिंग यूनिट, बॉयलर, टरबाइन, क्रिस्टलाइजर, कन्वेयर सिस्टम, रोलर और गियरबॉक्स जैसी अहम इकाइयों की टेस्टिंग निरंतर जारी है। इंजीनियर किसी भी खामी को तुरंत ठीक कर रहे हैं ताकि सत्र के दौरान रुकावट न आए।
इसी दौरान, विद्युत, मैकेनिकल, केमिकल और सुरक्षा विभाग की टीमें मिलकर सभी उपकरणों की स्थिति का मूल्यांकन कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पेराई का दौर सबसे चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए पहले की तैयारी भविष्य में मशीन ठप होने की संभावना कम करती है।
उधर, मिल परिसर में सफाई कार्य, सड़क मरम्मत, जल निकासी, सुरक्षा उपकरणों की जांच और फायर फाइटिंग सिस्टम को भी अपडेट किया जा रहा है। लेबर कॉलोनी क्षेत्र की व्यवस्था भी सुधारी जा रही है ताकि कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें।
साथ ही, प्रशासन का लक्ष्य किसानों को समय पर पेराई की सुविधा देना है। अधिकारियों ने बताया कि सत्र समय पर शुरू करने के लिए सभी विभागों को निर्धारित समयसीमा दी गई है।
कुल मिलाकर, मिल में चल रही तैयारियाँ दर्शाती हैं कि प्रबंधन नए सत्र को पहले से अधिक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसानों को उम्मीद है कि शुरुआती तैयारियाँ इस बार उत्पादन और सेवा दोनों पर सकारात्मक असर डालेंगी।
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