करनाल। शहर में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के बावजूद कॉलोनाइजर नए तरीके अपनाकर प्लॉट बेच रहे हैं। वे लोगों को मूलभूत सुविधाओं और पक्का मकान बनाने तक की लिखित गारंटी दे रहे हैं। साथ ही दावा कर रहे हैं कि प्रशासन की कार्रवाई से खरीदारों को कोई नुकसान नहीं होने देंगे।
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इसी बीच कई कॉलोनाइजर अब फुल पेमेंट एग्रीमेंट की बजाय पंजाब और हिमाचल से जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी करवाने का तर्क भी दे रहे हैं। मौके पर बैठकर वे चौड़ी सड़कों, पानी की लाइन, सीवर और लाइट जैसी सुविधाएं देने का आश्वासन दे रहे हैं। कई स्थानों पर नक्शे भी तैयार कर रखे हैं।
वहीं कॉलोनाइजर ग्राहकों को यह कहकर लुभा रहे हैं कि पहले प्लॉट लेकर मकान बनवा लो और भुगतान बाद में करना। यदि इस दौरान कोई प्रशासनिक कार्रवाई होती है तो उसका पूरा नुकसान कॉलोनाइजर वहन करने की बात भी एग्रीमेंट में लिखी जा रही है। दावा है कि किसी भी स्थिति में निर्माण गिरने नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा ग्राहकों को चार से नौ माह तक भुगतान अवधि दी जा रही है। कॉलोनाइजर किसानों से आधी कीमत देकर जमीन लेते हैं और बकाया भुगतान के लिए समय मांगते हैं। इसी अवधि में कच्ची सड़कें डालकर प्लॉटों की मार्किंग शुरू कर देते हैं। छोटे प्रोजेक्ट 100 करोड़ और बड़े प्रोजेक्ट 200 करोड़ से अधिक के बताए जा रहे हैं।
कैथल रोड पर केंद्रीय विद्यालय के पास करीब 15 एकड़ में अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है। यहां फ्रंट में 35 से 40 हजार रुपये प्रति गज और पीछे 20 से 25 हजार रुपये प्रति गज की दरें बताई जा रही हैं। कॉलोनी में पार्क, सामुदायिक केंद्र और मंदिर जैसी बनावटी सुविधाएं दिखाकर करीब ढाई सौ प्लॉट बेचे जा रहे हैं।
मूनक रोड पर भी हकीकत नगर के नजदीक लगभग आठ एकड़ में प्लॉट काटे जा रहे हैं। यहां 150 गज के शोरूम प्लॉट 45 हजार रुपये प्रति गज तक और रिहायशी प्लॉट 22 हजार रुपये प्रति गज तक बताए जा रहे हैं। कॉलोनाइजर 40 से 50 फीट सड़कों का दावा कर रहे हैं, जबकि अभी केवल जगह चिन्हित है।
जिला योजनाकार विभाग ने कहा कि अवैध कॉलोनियों पर लगातार कार्रवाई चल रही है। यदि जहां भी दोबारा प्लॉट काटे जा रहे हैं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने लोगों से बिना मंजूरी कॉलोनियों में निवेश न करने की अपील की है।
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