
सिरसा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत भजनलाल पर रेखा शर्मा की विवादित टिप्पणी पर चुप्पी तोड़ दी। इस मामले में दखल देने के बाद राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा ने इस मामले में माफी मांग ली। उधर, कुलदीप बिश्नोई ने भी कह दिया कि इनके माफी मांगने से हम संतुष्ट हैं।
सिरसा रेलवे स्टेशन पर नांदेड़ साहिब के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी भजनलाल सम्मानित व्यक्ति थे। उन्होंने हरियाणा की राजनीति को नई दिशा दी। एक अर्से तक हरियाणा का नेतृत्व भी किया। हम उनका सम्मान करते हैं। हम सभी मिलकर हरियाणा को विकसित हरियाणा बनाने का काम कर रहे हैं। कुलदीप बिश्नोई की पार्टी से नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई नाराज नहीं है।
मुख्यमंत्री के मुंह से पूर्व मुख्यमंत्री की तारीफ सुनने के बाद रेखा शर्मा ने एक वीडियो जारी कर अपने बयान पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर वायरल किया गया। मेरी मंशा किसी पर नहीं थी, बल्कि पार्टी की कार्यप्रणाली पर थी। जहां तक भजनलाल की बात है, वह एक सम्मानित और जमीन से जुड़े मुख्यमंत्री रहे हैं। उनके परिवार के कई सदस्य हमारी पार्टी में हैं। मेरे बयान से यदि उनके परिवार या किसी समर्थक को दुख पहुंचा है तो मैं अपने शब्द वापस लेती हूं और खेद प्रकट करती हूं।
राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा के माफी मांगने के बाद कुलदीप बिश्नोई ने भी वीडिया जारी कर कहा कि मैंने रेखा शर्मा का बयान सुना है और उनकी की ओर से शब्द वापस लेने से मैं संतुष्ट हूं। उन्होंने खेद व्यक्त किया है, जिसकी मैं प्रशंसा करता हूं। मैं आदरणीय भजनलाल के शुभचिंतकों, अनुयायियों और अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करता हूं जिस तरह इस कठिन समय पर आप सभी हमारे सम्मान, स्वाभिमान के लिए मजबूती से आवाज उठाई उसे देखकर मेरा मन भावुक हो गया।
रेखा शर्मा ने पंचकूला में चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि पहले भजनलाल और चंद्रमोहन की बदमाशी थी। वे बदमाशी करके चुनाव जीतते थे। इस बयान के बाद भजनलाल समर्थकों ने भारी विरोध जताते हुए प्रदेश के कई थानों में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। हिसार में बिश्नोई महासभा ने बैठक कर रेखा शर्मा से माफी मांगने को कहा था।
अपने पिता और भाई पर विवादित बयान के बाद भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने वीडियो जारी कर कहा था कि रेखा जी, आपका बयान एक भूल नहीं, बल्कि आपकी सोच की दुर्बलता का परिचायक है। आप जैसे नौसिखिए राजनीतिज्ञों को शायद यह नहीं पता कि इतिहास रचने के लिए खून-पसीना एक करना पड़ता है। आप मुझे मजबूर मत कीजिए कि मैं कोई ऐसा कदम उठाऊं जो पार्टी को अर्श से फर्श पर ले आए। मैं भाजपा का अनुशासित सिपाही हूं इसलिए चेतावनी दे रहा हूं नहीं तो अब तक कदम उठा चुका होता।