मंडी: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के परवाणू शाखा कार्यालय की ओर से बुधवार को जिला स्तर के अधिकारियों के लिए एक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम डीआरडीए सभागार में हुआ, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती ने की।
कार्यशाला में अधिकारियों को उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने में भारतीय मानकों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मानकों का पालन जरूरी है। उन्होंने विभिन्न विभागों से बीआईएस के साथ मिलकर गुणवत्ता संबंधी नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आग्रह किया।
बीआईएस की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिला अधिकारियों को बीआईएस की कार्यप्रणाली, प्रमाणन प्रक्रिया और गुणवत्ता से जुड़े नियमों से परिचित कराना था। अधिकारियों को बताया गया कि निर्धारित मानकों का पालन किस तरह सुनिश्चित किया जा सकता है और इसमें जिला प्रशासन की क्या भूमिका रहती है। बीआईएस परवाणू शाखा के गोरेनांद यादव, वैज्ञानिक-सी/संयुक्त निदेशक और अमित तिवारी, वैज्ञानिक-बी/सहायक निदेशक ने अधिकारियों को ई-बीआईएस पोर्टल और बीआईएस केयर ऐप की सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों और उपभोक्ता हितों से जुड़े नियमों पर भी चर्चा की। अधिकारियों को आईएसआई मार्क, सीआरएस पंजीकरण और बिना मानक चिह्न वाले उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी गई।
उपभोक्ता शिकायतों पर भी हुई चर्चा
कार्यशाला में बताया गया कि उपभोक्ता बीआईएस के विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करके उत्पादों की जानकारी हासिल करने के साथ शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों को बीआईएस केयर ऐप, मानक ऑनलाइन पोर्टल और बीआईएस की वेबसाइट के उपयोग के बारे में भी समझाया गया। इस दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने गुणवत्ता मानकों और बीआईएस की सेवाओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने जवाब दिया। कार्यशाला में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों से अपने-अपने विभागों में मानकीकरण और गुणवत्ता संबंधी नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया।
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