Gadar Front to Protest on September 29 : शिमला। राजधानी शिमला में आवारा कुत्तों और बंदरों के बढ़ते हमलों के मुद्दे पर गदर फ्रंट 29 सितंबर को नगर निगम हाउस, बचत भवन के बाहर प्रदर्शन करेगा। संगठन पीड़ित बच्ची को मुआवजा देने, प्रभावित लोगों के लिए स्थायी मुआवजा व्यवस्था बनाने और समस्या के समाधान के लिए प्रशासन व नगर निगम की जवाबदेही तय करने की मांग उठाएगा।
इसी मुद्दे को लेकर गदर फ्रंट ने 29 सितंबर को नगर निगम हाउस, बचत भवन के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। प्रस्तावित प्रदर्शन में पीड़ित बच्ची को मुआवजा देने, आवारा कुत्तों और बंदरों के हमलों से प्रभावित लोगों के लिए स्थायी मुआवजा व्यवस्था बनाने तथा इस समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई जाएगी।
संगठन का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ रही इस समस्या के बावजूद प्रभावी स्तर पर स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। गदर फ्रंट के संयोजक रवि कुमार दलित ने कहा कि आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिमला में बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन और नगर निगम से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। वहीं, मदद सेवा ट्रस्ट के संयोजक विकास थपता भी 29 सितंबर को होने वाले धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
प्रदर्शनकारियों की ओर से मांग की जाएगी कि हमलों की घटनाओं के बाद पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध करवाई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए। गदर फ्रंट का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन को इस मामले में जवाबदेही तय करते हुए स्पष्ट कार्ययोजना बनानी चाहिए। 29 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन के जरिए संगठन नागरिक सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा।
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