शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति अक्तूबर के अंत या नवंबर के पहले सप्ताह में हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बारे में अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान को लेना है और सोशल मीडियापर चल रही अटकलों पर ध्यान न दिया जाए। पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर कई बार भ्रामक बातें फैलती हैं, जिनसे बचना चाहिए। उन्होंने पार्टी संगठन को लेकर फैलाई जा रही अफ वाहों को भी नकारा। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का अब तक इंतजार है।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र से मदद नहीं मिलती तो राज्य सरकार अपने संसाधनों से राहत कार्य जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि आपदा में घर गंवाने वालों को 7 लाख और सामान नष्ट होने पर 70 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। पैंशनरों की मांगें जायज, भाजपा सरकार को ठहराया जिम्मेदार, मुख्यमंत्री ने पैंशनरों के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण पैंशनरों के वित्तीय लाभ रुके। सुक्खू ने कहा कि भाजपा सरकार को केंद्र से 50 हजार करोड़ रुपए की सहायता मिली थी, जबकि वर्तमान सरकार को केवल 3 हजार करोड़ की मदद मिली है। इसके बावजूद 75 वर्ष से ऊपर के पैंशनरों को एरियर का भुगतान कर दिया गया है और 70 वर्ष से ऊपर के पैंशनरों को भुगतान जारी है। उन्होंने बताया कि 80.90 करोड़ रुपए का बकाया एरियर भी जल्द जारी किया जाएगा।
एचआरटीसी पैंशनरों को दीवाली से पहले पेंशन :?मुख्यमंत्री ने बताया कि एचआरटीसी को 10 करोड़ रुपए की ग्रांट दी गई है, जिससे पेंशनरों को दीवाली से पहले भुगतान सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने एचआरटीसी में फिजूलखर्ची पर चिंता जताई और कहा कि विभाग को अब अपने खचोर्ं का वहन खुद करना होगा। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि यह संकट अस्थायी है और जल्द ही समाधान सामने आएगा।