शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अभी तक नए मंत्री बनाने के संबंध में आलाकमान को कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही चर्चाओं पर फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इससे पहले भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व स्तर पर चर्चा होने की खबरें सामने आती रही हैं।
संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के दौरान रजनी पाटिल ने जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों से पिछले तीन माह के कामकाज का फीडबैक लिया। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और सभी पदाधिकारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए। पाटिल ने कहा कि उन्हें कुछ विधायकों द्वारा जिला कांग्रेस अध्यक्षों को सहयोग नहीं करने की शिकायतें मिली हैं। पार्टी में अनुशासनहीनता को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों की पुष्टि होने पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। संगठन की गतिविधियों में निष्क्रिय रहने वाले पदाधिकारियों को बदलने के संकेत भी दिए गए हैं।
मंत्री जगत सिंह नेगी की बयानबाजी पर भी पाटिल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी कांग्रेस नेता को सरकार या संगठन से कोई दिक्कत है तो उसे मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखने के बजाय पार्टी आलाकमान के समक्ष अपनी समस्या रखनी चाहिए। पार्टी के भीतर उठने वाले मतभेदों को संगठनात्मक स्तर पर बातचीत के जरिए सुलझाने पर जोर दिया गया। रजनी पाटिल ने कहा कि वह बर्फबारी शुरू होने से पहले प्रदेश के सभी क्षेत्रों का दौरा करेंगी। उनका फोकस संगठन की जमीनी स्थिति समझने और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद पर रहेगा। कांग्रेस अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन को सक्रिय करने में जुटी है।
वहीं, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर रजनी पाटिल ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। शुक्रवार को शिमला में कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग की थी। पाटिल ने निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों को दोहराते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही।
उन्होंने बताया कि सोमवार को जिला स्तर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन किए जाएंगे। कांग्रेस का कहना है कि इन प्रदर्शनों के माध्यम से मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को जनता के बीच उठाया जाएगा।
📍 Location: शिमला (शिमला)