शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पहली बार विशेष पर्यटन मेले का आयोजन किया गया है। विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म की ओर से आयोजित ‘हिम विरासत’ पर्यटन मेला 27 सितंबर को मनाए जाने वाले पर्यटन दिवस तक चलेगा। मेले में महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप और युवा उद्यमियों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई है। यहां पारंपरिक कलाकृतियों, वेशभूषा, घरों में तैयार किए गए उत्पादों और विभिन्न खाद्य उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। आयोजन के जरिए प्रदेश की विरासत, पर्यटन, ग्रामीण स्वावलंबन और युवा उद्यमिता को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म के डायरेक्टर नितिन व्यास ने बताया कि 27 सितंबर को पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘हिम विरासत’ के नाम से शुरू किया गया यह पर्यटन मेला लोगों को देश की विरासत से जोड़ने का प्रयास है। मेले में 10 सेल्फ हेल्प ग्रुप हिस्सा ले रहे हैं। इन समूहों की ओर से पारंपरिक कलाकृतियां, वेशभूषा, घरों में बनाए गए उत्पाद और खाद्य सामग्री प्रदर्शित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेले में प्रदर्शित सभी उत्पाद किसी न किसी रूप में पर्यटन से जुड़े हुए हैं। इसके माध्यम से ग्राम स्वावलंबन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। नितिन व्यास ने कहा कि विश्वविद्यालय में पहली बार पर्यटन को लेकर इस तरह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को प्रदेश की विरासत और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास है, ताकि युवा स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर आकर्षित हों।

महिला विकास संगठन टूटू की अध्यक्ष वीना सूद ने बताया कि वह पिछले 18 वर्षों से महिलाओं के साथ मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के साथ मिलकर खिलौने और अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। उनके साथ ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 50 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन महिलाओं की ओर से खिलौनों से लेकर अलग-अलग तरह के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके बनाए खिलौने और अन्य उत्पाद आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ अन्य संस्थाओं तक भी पहुंच रहे हैं। मेले में इन उत्पादों को प्रदर्शित करने का उद्देश्य महिलाओं के काम और उनके उत्पादों को लोगों तक पहुंचाना भी है।

वहीं, युवा उद्यमी सागरिका वर्मा डेकोरेटिव आइटम तैयार करती हैं। उन्होंने बताया कि इन उत्पादों को शिमला के हिमरी गांव की महिलाओं के साथ मिलकर तैयार किया जाता है। सागरिका वर्मा के अनुसार, उन्हें इस काम की शुरुआत करने की प्रेरणा सोशल मीडिया से मिली। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि युवा स्वरोजगार को अपनाएं और अपनी रुचि एवं हुनर के आधार पर आगे बढ़ें। उनके मुताबिक युवाओं के लिए उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के कई अवसर हैं और ऐसे आयोजनों से उनके उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने का मंच मिलता है।

युवा उद्यमी प्रतिभा जैन ने प्राकृतिक उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने की सोच के साथ अपने ब्रांड की शुरुआत की है। वह प्राकृतिक तरीके से तैयार किए जाने वाले बॉडी प्रोडक्ट्स, जैसे नारियल तेल और बॉडी लोशन समेत अन्य उत्पाद तैयार करती हैं। प्रतिभा जैन ने बताया कि उन्होंने इस तरह के उत्पाद बनाना घर पर ही सीखा है। उनके घर में उनकी दादी और मां भी इस तरह के उत्पाद तैयार किया करती थीं। इसी अनुभव और प्राकृतिक उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने की सोच के साथ उन्होंने अपना ब्रांड शुरू किया। उन्होंने बताया कि उनके उत्पादों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की ओर से अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। हालांकि फिलहाल उनका उद्देश्य अपने उत्पादों और ब्रांड को लोगों के बीच पहचान दिलाना है।
📍 Location: शिमला (शिमला)