Last Updated: October 11, 2026

Dainik Savera Times Logo

हिमाचल में कांच की खाली बोतल करेगी मालामाल!, सरकार की इस योजना के जरिए मिलेगा फायदा

July 9, 2026

हिमाचल में कांच की खाली बोतल करेगी मालामाल!, सरकार की इस योजना के जरिए मिलेगा फायदा

हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) ने इस्तेमाल की गई कांच की बोतलों के पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) को बढ़ावा देने के लिए बायबैक योजना की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राज्य में कांच के कचरे का वैज्ञानिक और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

ये भी पढ़ें :-

उपभोक्ताओं और हितधारकों को मिलेगा प्रोत्साहन

नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता अधिकृत खुदरा विक्रेताओं के पास खाली कांच की बोतलें जमा कर प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकेंगे। 200 मिलीलीटर की प्रत्येक खाली बोतल पर एक रुपये, जबकि 600 मिलीलीटर की बोतल पर दो रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, बोतलों के संग्रहण और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े खुदरा विक्रेताओं तथा वितरकों को भी विभिन्न चरणों में प्रति बोतल 4 रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इस बहु-स्तरीय प्रोत्साहन व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक खाली बोतलों का संग्रह सुनिश्चित करना है।

संग्रहण और रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया

एचपीएमसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, खाली बोतलों का संग्रह अधिकृत खुदरा विक्रेताओं, वितरकों और निगम के कार्यालयों के माध्यम से किया जाएगा। इसके बाद उनकी छंटाई कर उन्हें रीसाइक्लिंग के लिए एचपीएमसी फल प्रसंस्करण संयंत्र, जरोल भेजा जाएगा। संग्रहण और परिवहन की पूरी प्रक्रिया को सुचारु एवं व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष प्रबंध भी किए गए हैं।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

निगम का मानना है कि यह योजना राज्य में कांच के कचरे की मात्रा कम करने, पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे उपभोक्ताओं, खुदरा विक्रेताओं और वितरकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी तथा एक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने में मदद मिलेगी।

एचपीएमसी ने सभी हितधारकों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है। निगम का विश्वास है कि इस पहल से न केवल कांच के कचरे का वैज्ञानिक और प्रभावी निपटान संभव होगा, बल्कि हिमाचल प्रदेश की पर्यावरण के प्रति जागरूक और सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध राज्य के रूप में पहचान भी और मजबूत होगी।

ये भी पढ़ें :-

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें