
शिमला: त्योहारी सीजन के बीच शिमला में पुलिस ने बिना वैध अनुमति पटाखे जमा करने के मामले में कार्रवाई की है। कच्चीघाटी इलाके में एक किराए के कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस ने करीब 200 छोटे-बड़े बॉक्स पटाखे बरामद कर जब्त किए। पुलिस के मुताबिक, संबंधित दुकानदार पटाखों के भंडारण और बिक्री से जुड़े जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 को गश्त के दौरान बालूगंज पुलिस को सूचना मिली थी कि कच्चीघाटी में फल-सब्जी की दुकान चलाने वाले राम विलास गुप्ता ने एक भवन में कमरा किराए पर लिया हुआ है। आरोप था कि इस कमरे में बिना लाइसेंस बड़ी मात्रा में पटाखे रखे गए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कमरे की तलाशी ली। इस दौरान वहां से 12 प्लास्टिक बोरों और दो कार्टन में रखे विभिन्न किस्मों के पटाखे बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, जब्त सामग्री में कुल 200 छोटे-बड़े बॉक्स शामिल थे।
लाइसेंस नहीं मिलने पर दर्ज हुआ मामला
तलाशी के दौरान पुलिस ने पटाखों के भंडारण और बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस या परमिट मांगा। हालांकि, संबंधित दुकानदार इसे प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसके बाद पुलिस ने पटाखों को अपने कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई की। पुलिस थाना बालूगंज में अभियोग संख्या 221/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और 288 तथा विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 9(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पटाखे कहां से लाए गए थे और उनका भंडारण किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
त्योहारों के दौरान अवैध भंडारण पर निगरानी
त्योहारों के समय पटाखों की खरीद-बिक्री बढ़ने के कारण पुलिस अवैध भंडारण और बिना अनुमति कारोबार करने वालों पर नजर रख रही है। नियमों के विपरीत पटाखे जमा करने से आग लगने और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा पैदा हो सकता है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य नियमों का उल्लंघन रोकने के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मामले में आगे की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।