Last Updated: September 21, 2026

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हिमाचल में पेपर लीक मामले में जयराम ठाकुर का सरकार से सवाल, कहा- दोषियों को क्यों बचा रहे मुख्यमंत्री

July 24, 2026

हिमाचल में पेपर लीक मामले में जयराम ठाकुर का सरकार से सवाल, कहा- दोषियों को क्यों बचा रहे मुख्यमंत्री

शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध पर स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह देश के करोड़ों युवाओं के हितों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। परीक्षाओं को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदम ऐतिहासिक हैं। केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की नीति अपनाई है।

हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार का रवैया इसके बिल्कुल विपरीत रहा है। सुक्खू सरकार के मंत्री मंच से खुलेआम सिफारिश से नौकरी दिलवाने का ऐलान करते हैं। शिक्षा बोर्ड में हाल ही में हुई भर्ती में एक ही नेता के विधानसभा क्षेत्र के लोगों की भर्ती का मामला अभी भी चर्चा में है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि पुलिस भर्ती में पेपर लीक के स्पष्ट साक्ष्य सामने आने के बाद भी सरकार ने उसे पेपर लीक मानने से इनकार किया। खुफिया इनपुट के आधार पर शुरुआती कार्रवाई करते हुए पुलिस द्वारा कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पैसे के लेन-देन के स्पष्ट प्रमाण थे। भारी मात्रा में नकदी भी बरामद हुई थी। सामूहिक नकल के आरोप लगाने वाले अभ्यर्थी सामने आए। सीसीटीवी जांच करवाने की माँग भी हुई, लेकिन सरकार ने नहीं माना और जांच रुकवा दी।

सीबीआई द्वारा कार्रवाई की संस्तुति किए जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट दबाई गई और जिन अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, उन्हें ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दे दी गईं। ऐसे मुख्यमंत्री को कुछ भी बोलने से पहले अपनी कारगुजारियों को देखना चाहिए। भाजपा युवाओं के हितों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है और परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस की नीयत साफ होती तो वह पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर संसद में चर्चा करती। युवाओं के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सार्थक बहस से बचना और इसके बजाय शर्तें लगाकर संसद की कार्यवाही बाधित करना दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा का मानना है कि ऐसे विषयों पर राजनीति नहीं, बल्कि सदन में गंभीर चर्चा और ठोस समाधान होना चाहिए। लेकिन कांग्रेस को सिर्फ राजनीति करनी है, इसलिए सदन में चर्चा के बजाय देशभर में अराजकता का समर्थन कर रही है।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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