हिमाचल डेस्कः प्रदेश में भारी बर्फबारी के बावजूद एक दूल्हे का हौसला नहीं डगमगाया। जिला मंडी के सराज क्षेत्र में जब भारी हिमपात से सड़कें बंद हो गईं और चारों ओर अंधेरा छा गया, तब भी बुनालीधार निवासी गितेश ठाकुर दुल्हन को लेने पैदल ही बारात लेकर निकल पड़े।
बर्फीले और दुर्गम हालातों के बीच गितेश ठाकुर करीब सात किलोमीटर का सफर तय कर बारातियों के साथ बैंचड़ी पहुंचे, जहां बर्फ के बीच विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं। सीमित संख्या में बारातियों और देवताओं की उपस्थिति ने इस शादी को और भी यादगार बना दिया।
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गौरतलब है कि गितेश ठाकुर का विवाह 24 जनवरी को बैंचड़ी की ऊषा ठाकुर के साथ तय था। इससे एक दिन पहले 23 जनवरी को सराज क्षेत्र में भारी हिमपात हुआ, जिससे लगभग सभी संपर्क मार्ग बंद हो गए। क्षेत्र में ब्लैकआउट की स्थिति भी बनी रही।
सराज में 7 किलोमीटर बर्फ में पैदल चला दुल्हा और बाराती pic.twitter.com/76rBP6Uo8m
— manav kshyap (@manavkashyap) January 25, 2026
100 की जगह सिर्फ 20 बाराती हुए शामिल
मुख्य सड़क बंद होने के कारण परिवार ने पैदल ही बारात ले जाने का फैसला किया। जहां पहले करीब 100 बारातियों के जाने की योजना थी, वहीं खराब मौसम के चलते केवल 20 के करीब करीबी रिश्तेदार ही बारात में शामिल हो सके।
तीन बजे निकले, सात बजे पहुंचे
दूल्हा गितेश ठाकुर अपने दोस्तों के साथ सबसे आगे चलते हुए दो से ढाई फीट बर्फ से ढके ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर रवाना हुआ। बारात दोपहर करीब सवा तीन बजे बुनालीधार से चली और शाम करीब सात बजे बैंचड़ी पहुंची।
अंधेरे में पूरी हुईं विवाह रस्में
बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण अंधेरे में ही विवाह की रस्में निभाई गईं। तय कार्यक्रम के अनुसार रविवार सुबह दुल्हन को भी पैदल ही बुनालीधार लाया जाएगा। दूल्हे के पिता देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि हिमपात शुभ संकेत होता है और इससे शादी जैसे मांगलिक कार्य नहीं रुकते। उन्होंने कहा कि इस बर्फबारी से क्षेत्र में बागबानी और कृषि कार्यों को भी लाभ मिलेगा।
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