मशोबरा: गांधी जयंती एवं स्वच्छ भारत दिवस के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 133 इको टास्क फोर्स (डोगरा), कुफरी द्वारा राष्ट्रपति निवास परिसर, मशोबरा स्थित ऐतिहासिक बावड़ी, कुफरी हेरिटेज पॉण्ड तथा कुफरी पर्यटक बाजार में व्यापक स्वच्छता एवं पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान का प्रमुख आकर्षण 133 इको टास्क फोर्स द्वारा राष्ट्रपति निवास, मशोबरा स्थित ऐतिहासिक बावड़ी के पुनरुद्धार एवं रखरखाव हेतु किया गया विशेष श्रमदान रहा। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण, उनकी स्वच्छता एवं पर्यावरणीय महत्त्व को बनाए रखना तथा क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करना था।

इस अभियान में 133 इको टास्क फोर्स के जवानों के साथ राष्ट्रपति निवास के कर्मचारी, वेस्ट वॉरियर्स एनजीओ, सतलुज जल विद्युत निगम, ग्राम पंचायत कुफरी, स्थानीय प्रतिनिधियों, दुकानदारों तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुफरी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने सड़कों के किनारे, सार्वजनिक स्थलों, बाजार क्षेत्रों एवं जल स्रोतों की सफाई हेतु श्रमदान किया। एकत्रित कचरे को जैविक, पुनर्चक्रण योग्य एवं प्लास्टिक कचरे में पृथक कर उचित निस्तारण हेतु संबंधित एजेंसियों को सौंपा गया।
अभियान को शैक्षणिक संस्थानों तक विस्तारित करते हुए 133 इको टास्क फोर्स द्वारा 30 सितंबर को राजकीय उच्च विद्यालय शकरा तथा 01 अक्टूबर को राजकीय उच्च विद्यालय किंडर में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। शकरा में 07 सैन्यकर्मियों, 06 शिक्षकों एवं 25 विद्यार्थियों तथा किंडर में 01 जेसीओ, 10 अन्य रैंक, 02 शिक्षकों एवं 30 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान विद्यालय परिसर, खेल मैदान, ग्रामीण संपर्क मार्गों एवं समीपवर्ती तालाब की सफाई की गई। विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, कचरा पृथक्करण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान कूड़ा न फैलाने, एकल-उपयोग प्लास्टिक को कम करने, स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण करने तथा स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार नागरिक व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया। सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता की शपथ लेकर अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस सामूहिक पहल के माध्यम से 133 इको टास्क फोर्स ने पर्यावरण संरक्षण, ऐतिहासिक धरोहरों एवं पारंपरिक जल स्रोतों के पुनरुद्धार तथा जनसहभागिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह अभियान स्वच्छता ही सेवा की भावना को साकार करते हुए स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ हिमाचल प्रदेश के निर्माण की दिशा में एक सार्थक प्रयास रहा।
📍 Location: शिमला (शिमला)