Last Updated: September 21, 2026

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प्रवासी मजदूर नजदीकी थाने में करवाएं अपने दस्तावेजों की जाँच- जिला दण्डाधिकारी

August 2, 2026

प्रवासी मजदूर नजदीकी थाने में करवाएं अपने दस्तावेजों की जाँच- जिला दण्डाधिकारी

शिमला: जिला शिमला में किसी भी तरह की वारदात या अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने जिला के विभिन्न क्षेत्रों में अस्थायी तौर पर रह रहे प्रवासी श्रमिकों, रेहड़ी-फड़ी एवं फेरी वालों और अन्य बाहरी कामगारों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। जारी आदेशों के तहत कोई भी नियोक्ता, ठेकेदार व व्यापारी जिला शिमला में आने वाले किसी भी प्रवासी मजदूर को छोटी-मोटी गैर-औपचारिक नौकरी या सेवा या अनुबंध श्रम में तब तक नहीं लगाएंगे, जब तक ऐसे प्रवासी मजदूर संबंधित पुलिस स्टेशन में एसएचओ के पास जाकर पासपोर्ट आकार की फोटो के साथ अपना विवरण प्रस्तुत नहीं करते हैं। आदेशों के अनुसार, शिमला जिला का दौरा करने वाला कोई भी व्यक्ति संबंधित थाना प्रभारी को इस आशय की जानकारी दिए बिना किसी भी प्रकार के स्व-रोजगार, गैर-औपचारिक व्यापार, सेवाओं में अथवा रोजगार की तलाश में संलिप्त नहीं होगा।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत बाहरी कामगारों को काम पर रखने वाले उद्यमियों, कारोबारियों, ठेकेदारों, किसानों और अन्य लोगों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने कामगारों का फोटो सहित पूरा विवरण देकर नजदीकी पुलिस थाने में पंजीकरण सुनिश्चित करें। बाहरी श्रमिकों, रेहड़ी-फड़ी एवं फेरी वालों तथा अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे बाहरी लोगों के लिए भी नजदीकी पुलिस थाने में अपना पंजीकरण करवाने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों को भी हिदायत दी है कि वह अपना मकान बाहरी लोगों को किराये पर देने से पहले किरायेदारों की पहचान एवं पंजीकरण सुनिश्चित कर लें। इसके साथ ही ऐसे प्रवासी श्रमिकों का वेरिफिकेशन ऑफ एंटीसिडेंट भी करवाना होगा। इसका मतलब किसी व्यक्ति के चरित्र और उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच करना है, ताकि यह पता चल सके कि वह व्यक्ति भरोसेमंद और सही है या नहीं। जिस क्षेत्र से व्यक्ति संबंध रखता है, उसी क्षेत्र के थाने से यह रिपोर्ट तैयार होती है। जिला में कोई भी प्रवासी व्यक्ति कार्यक्षेत्र के अधीन आने वाले थाने में बिना पंजीकरण करवाए रोजगार अर्जित नहीं कर सकेगा।

जिला दंडाधिकारी ने बताया कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले बाहरी कामगारों, उनके नियोक्ताओं और मकान मालिकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत कार्रवाई हो सकती है। यह आदेश 30 सितंबर, 2026 तक लागू रहेंगे, जिला दंडाधिकारी ने बताया कि जिला में बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से श्रमिक, रेहड़ी-फड़ी एवं फेरी वाले और अन्य लोग काम करने आते हैं। यह लोग किराये के मकानों या विभिन्न निर्माण स्थलों पर अस्थायी रूप से रहते हैं। जिला में कोई भी वारदात या अन्य कोई अप्रिय घटना की स्थिति में बाहरी लोगों की संलिप्तता होने पर पुलिस को अक्सर जांच करने में दिक्कत होती है। इसे देखते हुए जिला में अस्थायी तौर पर रह रहे बाहरी लोगों का नजदीकी पुलिस थाने में पंजीकरण बहुत जरूरी है।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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