शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 11 जुलाई तक प्रदेश में भारी वर्षा का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। शिमला, मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के लिए भारी बारिश (येलो अलर्ट) घोषित किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इन जिलों में कई स्थानों पर मूसलाधार बारिशए गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन हिमाचल के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं, पहाडि़यों से मलबा और चट्टानें गिर सकती हैं तथा भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने की आशंका है। संवेदनशील इलाकों में सड़कें अवरुद्ध होने और यातायात प्रभावित होने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार शिमला, मंडी और कांगड़ा सबसे अधिक संवेदनशील रहेंगे। इन जिलों के साथ हमीरपुर और सिरमौर में भी कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। वहीं कुल्लू, सोलन, बिलासपुर, ऊना और चंबा में रुक-रुक कर मध्यम से तेज बारिश का अनुमान है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी मौसम खराब बना रहेगा।
मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, खड्डों और जलधाराओं के किनारे जाने से बचें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करें और रात के समय पहाड़ी मागोंर् पर यात्रा करने से परहेज करें। प्रशासन ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने और जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा के गुलेर में 50 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो सबसे अधिक रही। इसके अलावा शिमला के सराहन और मंडी के सुंदरनगर में 30-30 मिलीमीटर, जबकि हमीरपुर के नादौन और सुजानपुर टीहरा में 20-20 मिलीमीटर बारिश हुई। राजधानी शिमला सहित कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर वर्षा दर्ज की गई।
मेष: दिन शुभ रहेगा...