
पालमपुर: प्रदेश सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास को हर हाल में प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम न केवल युवाओं को नशे से दूर रखेगा बल्कि नशे पर भी करारी चोट करेगा। यह बात प्रदेश के मंत्री यादविंद्र गोमा ने उपमण्डल पालमपुर के अंतर्गत पंचरुखी में 22वीं अखिल भारतीय डॉ. वाईएस परमार वॉलीबॉल खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह में कही। मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित मंत्री ने विजेता टीमों को बधाई दी और प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा अंतरराष्ट्रीय खेल विजेताओं के लिए सम्मान राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
मंत्री ने पुरस्कार राशि की जानकारी देते हुए बताया कि ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेताओं को अब 5 करोड़, रजत पदक विजेताओं को 3 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। एशियाई खेलों और पैरा एशियाई खेलों में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वर्ण पदक विजेताओं की राशि 50 लाख से बढ़ाकर 4 करोड़, रजत पदक विजेताओं के लिए 2.50 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं के लिए 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण, रजत और कांस्य विजेताओं को क्रमश: 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
वॉलीबॉल प्रतियोगिता में हरियाणा की टीम ने पहला स्थान प्राप्त किया और मंत्री द्वारा ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। भारतीय सेना और इंडियन नेवी की टीम क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कार प्राप्त हुए। इस दौरान मंत्री ने विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए। प्रतियोगिता में कुल आठ टीमों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी शिमला, कांगड़ा, कुल्लू-मंडी, बिलासपुर, अंतरराष्ट्रीय कोच सतीश शर्मा एवं रविंद्र बांश्टू, राजकीय आईटीआई सल्याणा के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, स्थानीय कांग्रेस नेता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...