शिमला: सेवा पखवाड़ा-2026 के तहत लोक भवन में ‘साहित्य सेवा’ विषय पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। लोक भवन और हिमाचल साहित्य एवं संस्कृति मंच के संयुक्त सहयोग से हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने की। कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को राज्यपाल ने सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन या अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज में संवेदना, जागरूकता और सेवा की भावना को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कविता मानवीय भावनाओं के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और देश की आकांक्षाओं को प्रभावी ढंग से सामने रखने का माध्यम है।
राज्यपाल ने कहा कि जब साहित्यकार समाज से जुड़े विषयों, पर्यावरण, राष्ट्रीय नायकों के योगदान, युवाओं की भूमिका और सामाजिक समस्याओं को अपनी रचनाओं में स्थान देते हैं, तो उनका रचनात्मक कार्य भी समाज के प्रति योगदान बन जाता है। उन्होंने साहित्यकारों से अपनी रचनाओं के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक संदेश देने का आह्वान किया। स्वतंत्रता आंदोलन में साहित्य की भूमिका का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कविताओं और साहित्यिक रचनाओं ने उस दौर में लोगों के बीच राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय परंपरा में साहित्य को लोक कल्याण और समाज को दिशा देने वाले माध्यम के रूप में भी देखा गया है।
स्वतंत्रता सेनानियों को किया याद
राज्यपाल ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और संघर्ष को याद करते हुए कहा कि आज का भारत उनके बलिदान और साहस की नींव पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के भी अनेक लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान दिया था। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के सम्मान को उनके योगदान और आदर्शों के प्रति सम्मान बताया। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में नागरिकों के अधिकारों के साथ उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
सेवा को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील
राज्यपाल ने सेवा पखवाड़े के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सेवा की भावना को केवल विशेष अभियानों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। प्रत्येक नागरिक को अपने दैनिक जीवन में समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा किसी एक संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक दायित्व है। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने स्वयं भी कविता प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। इससे पहले कथाकार, उपन्यासकार और कवि एस.आर. हरनोट ने राज्यपाल का स्वागत किया। इस अवसर पर नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर शर्मा सहित साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अन्य लोग भी मौजूद रहे।