कुल्लू: जिला के मुख्यालय ढालपुर स्थित पशु चिकित्सालय में विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पशु चिकित्सकों ने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को रेबीज बीमारी, इससे बचाव और पशुओं के नियमित टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी।
पंचायत प्रतिनिधियों से गांवों में जागरूकता फैलाने की अपील
कार्यक्रम में शामिल पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पशुपालकों और कुत्ता पालने वाले लोगों को रेबीज के प्रति जागरूक करें। साथ ही पालतू और अन्य पशुओं का समय-समय पर टीकाकरण करवाने के लिए लोगों को प्रेरित करने की अपील की गई।
आवारा और पालतू कुत्तों का हो रहा वैक्सीनेशन
ढालपुर पशु चिकित्सालय की वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशा ठाकुर ने बताया कि विश्व रेबीज दिवस के मौके पर जागरूकता कार्यक्रम के साथ-साथ जिला कुल्लू में आवारा और पालतू कुत्तों का वैक्सीनेशन भी किया जा रहा है। इसका उद्देश्य रेबीज के मामलों को नियंत्रित करना और लोगों को इस गंभीर बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करना है।
सिर्फ कुत्ते के काटने से नहीं होता रेबीज
डॉ. आशा ठाकुर ने बताया कि रेबीज केवल कुत्ते के काटने से ही नहीं, बल्कि संक्रमित अन्य पशुओं के काटने से भी फैल सकता है। इसलिए लोगों के लिए इस बीमारी के कारणों और बचाव के उपायों को समझना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पशुओं का समय पर टीकाकरण रेबीज से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है। पालतू पशुओं के साथ-साथ आवारा कुत्तों के टीकाकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
जिले में लगातार चल रहा जागरूकता अभियान
पशु चिकित्सा विभाग की ओर से कुल्लू जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुत्तों का वैक्सीनेशन करने के साथ लोगों को रेबीज से बचाव के बारे में जानकारी दी जा रही है। विभाग ने पशुपालकों और पालतू पशु रखने वाले लोगों से टीकाकरण को लेकर लापरवाही न बरतने की अपील की है।
📍 Location: Kullu (Kullu)
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