Last Updated: September 23, 2026

Dainik Savera Times Logo

Loan Recovery Agent ने रची खुद के मौत की साजिश, अनजान व्यक्ति को कार में शराब पिला जिंदा जलाया, गर्लफ्रेंड की चैटिंग ने…

December 16, 2025

Loan Recovery Agent ने रची खुद के मौत की साजिश, अनजान व्यक्ति को कार में शराब पिला जिंदा जलाया, गर्लफ्रेंड की चैटिंग ने…

नेशनल डेस्क। महाराष्ट्र के लातूर जिले के औसा शहर के वाणवडा रोड इलाके में दो दिन पहले उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक स्कोडा कार में अचानक भीषण आग लगने की सूचना मिली। राहगीरों ने तुरंत इसकी जानकारी औसा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन जब पुलिस ने जली हुई कार की जांच की तो सभी के होश उड़ गए। कार के अंदर एक पूरी तरह जला हुआ शव मिला। पुलिस ने कार की नंबर प्लेट के आधार पर गाड़ी के मालिक की जानकारी निकाली। जांच में सामने आया कि यह गाड़ी गणेश चव्हाण नाम के व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड थी।

शव के पास मिले कड़े और कुछ अन्य सामान के आधार पर शुरुआती तौर पर यह माना गया कि जला हुआ शव 35 वर्षीय गणेश चव्हाण का ही है। लेकिन पुलिस को इस पूरे मामले में कुछ गड़बड़ नजर आई। औसा पुलिस को शुरुआत से ही यह मामला संदिग्ध लग रहा था। कार में मिले कुछ सबूत, जैसे आईडेंटिटी ब्रेसलेट और अन्य चीजें, असली तो लग रही थीं, लेकिन कई सवाल खड़े कर रही थीं।

इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाए और घटनास्थल से मिले सबूतों को बारीकी से खंगाला। तभी साफ हो गया कि यह कोई आत्महत्या या हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है।

दो मोबाइल बंद, तीसरे नंबर से हो रही थी चैटिंग
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गणेश चव्हाण की एक महिला मित्र भी है। जब पुलिस उस महिला तक पहुंची तो कहानी में बड़ा मोड़ आ गया। पुलिस को कार के अंदर गणेश का मोबाइल फोन जली हुई हालत में मिला था। उसके दोनों मोबाइल नंबर बंद थे। लेकिन हैरानी की बात यह थी कि गणेश एक तीसरे मोबाइल नंबर से अपनी प्रेमिका के साथ लगातार चैटिंग कर रहा था। यहीं से पुलिस को यकीन हो गया कि जिसे मरा हुआ समझा जा रहा है, वह व्यक्ति असल में जिंदा है।

ये भी पढ़ेंः UNSC में भारत ने पाकिस्तान को अच्छे से लगाई लताड़, कहा- जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला

500 किलोमीटर दूर से जिंदा पकड़ा गया गणेश
पुलिस ने बिना देर किए उस तीसरे मोबाइल नंबर को ट्रेस किया। रातों-रात औसा पुलिस की एक टीम लातूर से करीब 500 किलोमीटर दूर सिंधुदुर्ग जिले के विजयदुर्ग पहुंची। वहां से पुलिस ने जिंदा गणेश चव्हाण को हिरासत में ले लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर गणेश ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

कर्ज से बचने के लिए रची अपनी मौत की साजिश
आरोपी गणेश चव्हाण ने पुलिस को बताया कि उस पर भारी कर्ज था। कर्ज से छुटकारा पाने और एक करोड़ रुपये की टर्म इंश्योरेंस राशि हासिल करने के लिए उसने अपनी ही मौत का नाटक रचने की योजना बनाई। इसी साजिश के तहत उसने अपनी कार में आग लगाई, ताकि सबको लगे कि उसकी मौत हो गई है।

राह चलते व्यक्ति को बनाया शिकार
आरोपी ने बताया कि घटना वाली रात औसा टी-पॉइंट पर गोविंद यादव नाम का एक व्यक्ति नशे की हालत में उससे लिफ्ट मांग रहा था। गणेश ने उसे बहला-फुसलाकर अपनी कार में बैठा लिया। इसके बाद उसने बेरहमी से उसकी हत्या कर दी और शव को कार में डालकर गाड़ी में आग लगा दी।

जले शव की हुई पहचान
पुलिस जांच में यह साफ हो गया कि जला हुआ शव गणेश का नहीं, बल्कि गोविंद किसन रावते का था। तकनीकी सबूतों और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री को सुलझा लिया। इस मामले की जानकारी खुद लातूर के SP अमोल तांबे ने दी।

कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
इस खौफनाक साजिश में एक निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई। अब पुलिस इस मामले में कई पहलुओं की जांच कर रही है, जैसे क्या गणेश ने यह वारदात अकेले की या उसके साथ कोई और भी शामिल था, क्या किसी और को पैसों का लालच देकर इस साजिश में शामिल किया गया। खुद को मरा हुआ दिखाने के बाद क्या गणेश ने अपने परिवार से संपर्क किया। उसका आगे छिपने का क्या प्लान था? सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक करोड़ रुपये की टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी का क्लेमर कौन था। इन सभी सवालों के जवाब ढूंढने में फिलहाल पुलिस जुटी हुई है।

Watch Video- अवैध निर्माण अब कबूल नहीं ,भारी पुलिस बल के साए में की गई जबरदस्त तोड़फोड़

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें