नेशनल डेस्क: कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को लेकर विज्ञान की दुनिया से एक उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तेजी से कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, आने वाले वर्षों में यह बीमारी और गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे समय में वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक पर काम शुरू किया है, जिसमें बाहर से दी जाने वाली तेज दवाओं के बजाय शरीर के अंदर मौजूद बैक्टीरिया ही कैंसर से लड़ने में मदद करेंगे।
हालिया शोध में यह सामने आया है कि हमारे पेट में मौजूद बैक्टीरिया, जिन्हें गट माइक्रोबायोम कहा जाता है, केवल खाना पचाने का काम नहीं करते। ये बैक्टीरिया शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये अच्छे बैक्टीरिया कैंसर कोशिकाओं की पहचान करने में इम्यून सिस्टम की मदद करते हैं और उन्हें नष्ट करने की प्रक्रिया को तेज करते हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि आजकल इस्तेमाल होने वाली इम्यूनोथेरेपी जैसी आधुनिक तकनीकों का असर इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज के पेट में अच्छे बैक्टीरिया कितनी मात्रा में मौजूद हैं, जिन लोगों का पाचन तंत्र मजबूत होता है। उन पर कैंसर की दवाएं ज्यादा असरदार साबित होती हैं। शोध में यह भी पाया गया कि ऐसे मरीजों में इलाज का असर सामान्य मरीजों की तुलना में कई गुना बेहतर देखा गया।
कैसे कैंसर से लड़ते हैं अच्छे बैक्टीरिया
वैज्ञानिकों के अनुसार, पेट के अच्छे बैक्टीरिया शरीर के इम्यून सिस्टम को संकेत भेजते हैं। इन संकेतों की वजह से शरीर की सुरक्षा करने वाली कोशिकाएं टी-सेल्स सक्रिय हो जाती हैं। ये टी-सेल्स कैंसर की कोशिकाओं और गांठों को पहचानकर उन पर हमला करती हैं और उन्हें खत्म करने में मदद करती हैं।
भविष्य में बदल सकता है कैंसर का इलाज
इस नई खोज से कैंसर के इलाज की दिशा पूरी तरह बदल सकती है। भविष्य में डॉक्टर मरीज के पेट में मौजूद बैक्टीरिया की स्थिति को देखकर इलाज तय कर सकते हैं। वैज्ञानिक यह भी मान रहे हैं कि आने वाले समय में मरीजों को ऐसे कैप्सूल दिए जा सकते हैं, जिनमें खास बैक्टीरिया होंगे। ये बैक्टीरिया शरीर के अंदर ही कैंसर से लड़ने वाली ताकत को बढ़ाएंगे। इससे कीमोथेरेपी जैसे दर्दनाक इलाजों की जरूरत कम हो सकती है।
अच्छे बैक्टीरिया को कैसे रखें मजबूत
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हम अपने शरीर के अच्छे बैक्टीरिया को मजबूत रखना चाहते हैं, तो खान-पान और जीवनशैली में बदलाव जरूरी है। रोज़ाना दही, छाछ और फाइबर से भरपूर हरी सब्जियों का सेवन करना फायदेमंद होता है। वहीं ज्यादा चीनी, जंक फूड और डिब्बाबंद खाने से दूरी बनाकर हम अपने शरीर के इन छोटे रक्षकों को मजबूत बना सकते हैं।