Murder, burial and deception : आगरा। एक महिला ने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफना दिया। इसके ऊपर फर्श बनाया। उसकी बेरहमी यहीं नहीं रुकी बल्कि इसी बाथरू में रोजाना स्नान करती रही। पति की खोज करते समय पुलिस के साथ बैठकर सीसीटीवी फुटेज भी देखती रही। 45 दिन तक किया गुमराह।
जांच के दौरान महिला पुलिस के साथ CCTV फुटेज देखती रही और रोने का नाटक करती रही। महिला के जेठ को उसके व्यवहार से शक हो गया। उसने महिला से कहा कि अगर कोई परेशानी हो तो वह साथ देगा। इसके बाद महिला ने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बाथरूम का फर्श तोड़ा, जहां से केवल कंकाल बरामद हुआ। महिला ने पुलिस को बताया कि उसका पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता था। इसी वजह से उसने खीर में 18 से ज्यादा नींद की गोलियां मिलाकर पति को खिला दीं, जिससे उसकी मौत हो गई।

इसके बाद शव को कमरे से खींचकर बाथरूम में ले गई और गड्ढा खोदकर दफना दिया। जेठ को बताया कि पति उससे झगड़ाकर 5 हजार रुपये लेकर गया है। फिर खुद भी राजस्थान चली गई। 8 दिन बाद लौटकर आई और मजदूर बुलवाकर बाथरूम में फर्श बनवा दिया। राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले सुरेंद्र कुमार शर्मा सिकंदरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में रहते थे। उनकी शादी साल 2010 में रूबी से हुई थी। रूबी इटावा की रहने वाली है। उनकी दो बेटियां रिद्धि (13) और सिद्धी (9) हैं। सुरेंद्र के साथ उनकी मां कमला भी रहती थीं। उन्हें आंखों से कम दिखाई देता है। उनके पिता राधेश्याम शर्मा शिक्षक थे। उनकी कुछ साल पहले मौत हो चुकी है।
भाई अनिल शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र और रूबी के बीच अनबन रहती थी। 18 मई की सुबह 9-10 बजे रूबी का उनके पास फोन आया था। वह कह रही थी कि घर में पुलिस का कोई केस बन गया है, आप मम्मी और दोनों बच्चों को यहां से ले जाओ। मैंने उससे पूरी बात पूछी, लेकिन उसने कुछ बताया नहीं, बस तीनों को ले जाने के लिए कहा। रूबी ने यह भी कहा कि घर मत आना, मैंने तीनों को पास की दुकान पर बैठा दिया है, वहीं से ले जाना। मैं भरतपुर से आनन-फानन में आगरा पहुंचा और बच्चों और मां को लेकर आगरा आ गया। मैं तीनों को लेकर घर पहुंचने वाला था, तभी रूबी का फिर से फोन आया। तब उसने कहा कि सुरेंद्र जबरदस्ती ताला खुलवाकर पैसे लेकर और लड़ाई करके चले गए हैं। 5 हजार रुपये ले गए हैं। यह कह गए हैं कि 2–3 दिन में फोन करके बताएंगे कि वह कहां हैं।
शुक्रवार दोपहर 12 बजे जेठ ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम पहुंची और 5 मजदूर बुलवाए। मजदूरों ने 20 मिनट में फर्श तोड़ा। इसके बाद गड्ढा खोदा। देखा तो लाश गल चुकी थी, सिर्फ कंकाल बचा था। इसलिए शुक्रवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। शनिवार को कंकाल की फॉरेंसिक जांच होगी। इसके लिए 5 सदस्यीय टीम बनाई जाएगी। महिला रूबी ने पुलिस को बताया कि पति शराब पीते थे और उसे अक्सर मारते-पीटते रहते थे। इससे वह परेशान हो गई थी। इसी वजह से उसने उन्हें ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। 17 मई की रात को 18 से अधिक नींद की गोलियां खीर में मिलाकर खिलाईं। उसने बताया कि 18 मई की सुबह पति बेड पर मृत मिले। यह देखकर वह घबरा गई। फिर जेठ के साथ बच्चों को भेज दिया।
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