Last Updated: September 23, 2026

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PM मोदी ने Ganga Expressway का किया उद्घाटन, जानें क्या है खासियत

April 29, 2026

PM मोदी ने Ganga Expressway का किया उद्घाटन, जानें क्या है खासियत

नेशनल डेस्क: भारत में तेजी से बन रहे एक्सप्रेसवे देश की यात्रा को आसान और तेज बना रहे हैं। इसी कड़ी में अब उत्तर प्रदेश को एक और बड़ी सौगात गंगा एक्सप्रेसवे मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने 29 अप्रैल को हरदोई में इसका उद्घाटन किया, जिसके बाद यह एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए खोल दिया गया।

गंगा एक्सप्रेसवे की शुरुआत

गंगा एक्सप्रेसवे का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। इसके शुरू होने से अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक यात्रा पहले के मुकाबले काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।

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लंबाई और रूट

यह एक्सप्रेसवे करीब 594 किलोमीटर लंबा है। इसकी शुरुआत मेरठ से होती है और यह प्रयागराज तक जाता है। इस दौरान यह राज्य के कई अहम जिलों को जोड़ता है, जिनमें हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ शामिल हैं। इससे पूरे प्रदेश में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

Ganga Expressway
 

निर्माण की खास बातें

गंगा एक्सप्रेसवे को आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया गया है। इसमें सैकड़ों अंडरपास और दर्जनों बड़े पुल बनाए गए हैं। कई छोटे पुल और सर्विस रोड भी तैयार किए गए हैं। जगह-जगह इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं। सुरक्षा के लिए पूरे मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अभी इसे 6 लेन में तैयार किया गया है, लेकिन जरूरत के अनुसार इसे आगे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है।

खास सुविधा

इस एक्सप्रेसवे की एक बड़ी खासियत यह है कि यहां एक विशेष एयर स्ट्रिप भी बनाई गई है। आपात स्थिति या युद्ध के समय भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान यहां उतर सकते हैं। रात में भी इसका उपयोग संभव होगा, जो इसे देश के खास एक्सप्रेसवे में शामिल करता है।

सुरक्षा व्यवस्था

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए गए हैं। हर किलोमीटर पर कैमरों की निगरानी, ड्राइवर को सतर्क रखने के लिए रंबल स्ट्रिप्स, तेज रफ्तार पर नजर रखने के लिए स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है। इस एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है। इससे ज्यादा तेज वाहन चलाने पर चालान किया जाएगा।

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टोल शुल्क

गंगा एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग वाहनों के लिए अलग टोल दरें तय की गई हैं, जिनमें दो और तीन पहिया वाहन के लिए लगभग ₹1.28 प्रति किलोमीटर, कार और हल्के वाहन के लिए करीब ₹2.55 प्रति किलोमीटर, कमर्शियल वाहन के लिए लगभग ₹4.05 प्रति किलोमीटर, बस और ट्रक के लिए करीब ₹8.20 प्रति किलोमीटर, भारी मशीनरी वाले वाहन के लिए ₹12.60 प्रति किलोमीटर और बड़े और ओवरसाइज वाहन के लिए ₹16.10 प्रति किलोमीटर तक टोल टैक्स लिया जाएगा।

क्या होगा फायदा

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। पश्चिम और पूर्व उत्तर प्रदेश के बीच दूरी कम होने से आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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