नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार तेजी से एक्शन में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसमें सुरक्षा स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान समेत अन्य प्रमुख अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मीटिंग में पीएम मोदी ने आतंकवाद से सख्ती से निपटने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सेना को कोई भी कार्रवाई करने के लिए खुली छूट देते हैं।
पीएम मोदी ने सेना को दी खुली छूट
मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद को करारा झटका देना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। प्रधानमंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमताओं पर पूरा भरोसा और विश्वास जताया। पीएम मोदी ने कहा कि सशस्त्र बलों को कार्रवाई के तरीके, लक्ष्य और समय तय करने की पूरी छूट दी गई है। प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि पहलगाम हमले के जिम्मेदार आतंकियों और उनके आकाओं को धरती के किसी भी कोने से खोजकर बाहर निकालें और उन्हें सख्त सजा दें।
#WATCH | PM Narendra Modi chairs a meeting with Defence Minister Rajnath Singh, NSA Ajit Doval, CDS and chiefs of all the Armed Forces. pic.twitter.com/Wf00S8YVQO
— ANI (@ANI) April 29, 2025
बैठक में इस हमले के बाद की सुरक्षा स्थिति, सुरक्षाबलों की कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस मौके पर थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने इस हमले में शामिल आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया और यह सुनिश्चित करने को कहा कि अमरनाथ यात्रा जैसी नागरिक गतिविधियों की सुरक्षा में कोई चूक न हो।
पहलगाम आतंकी हमले में 22 लोगों की मौत
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। यह हमला हाल के वर्षों का सबसे घातक आतंकी हमला माना जा रहा है। हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सुरक्षाबल आतंकियों की तलाश में जगह-जगह तलाशी अभियान चला रहे हैं।

भारत ने पाकिस्तान पर लगाई कई पाबंदियां
इस हमले के बाद, भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने का फैसला लिया है। सरकार ने पाकिस्तान पर कई पाबंदियां लगा दी हैं, जिनमें पाकिस्तान के खिलाफ पांच बड़े फैसले शामिल हैं। इनमें सिंधु जल संधि को तत्काल स्थगित करना, अटारी चेक पोस्ट को बंद करना और पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा के तहत भारत में प्रवेश की अनुमति समाप्त करने समेत पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात रक्षा- सैन्य- नौसेना और वायुसेना के सलाहकारों को एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने का आदेश देना शामिल है। भारत ने यह कदम पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपों के मद्देनजर उठाए हैं।
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