नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पंजाब नैशनल बैंक स्कैम के आरोपी मेहुल चौकसी पर लगातार शिकंजा कस रहा है। इस क्रम में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस ने मेहुल चौकसी की कुर्क की गई संपत्तियां लिक्विडेटर को सौंप दी हैं। इन संपत्तियों में बोरीवली पूर्व स्थित प्रोजैक्ट तत्व, ऊर्जा-ए विंग में बने 4 फ्लैट्स शामिल हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने इन फ्लैट्स को 21 नवंबर को हैंडओवर किया है।
अब लिक्विडेटर इन संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगा, जिससे बैंकों, घोटाले के पीड़ितों और दूसरे हकदारों को उनका पैसा वापस किया जा सकेगा। इस तरह से ईडी मुंबई, कोलकाता और सूरत में स्थित करीब 310 करोड़ रुपए की कीमत वाली चल और अचल संपत्तियों को लिक्विडेटर को सौंप चुकी है। मेहुल चौकसी के मामले में पीएमएलए के तहत जांच से पता चला है कि उसने 2014 से 2017 के दौरान अपने सहयोगियों और पीएनबी के अधिकारियों के साथ मिलकर पंजाब नैशनल बैंक से धोखाधड़ी से लैटर ऑफ अंडरटेकिंग और फॉरेन लैटर ऑफ क्रैडिट जारी करवाए, जिससे पीएनबी को 6,097.63 करोड़ रुपए का नुक्सान हुआ।
उसने आईसीआईसीआई बैंक से भी लोन लिया था और उस लोन को भी चुकाने में असफल रहा। जांच के दौरान ईडी ने पूरे भारत में 136 से अधिक स्थानों पर तलाशी ली और मेहुल चौकसी के गीतांजलि ग्रुप से संबंधित 597.75 करोड़ रुपए मूल्य के कीमती सामान जब्त किए। इसके अलावा मेहुल चौकसी की 1,968.15 करोड़ रुपए की अचल और चल संपत्तियां जब्त की गईं, जिनमें भारत और विदेशों में अचल संपत्तियां, वाहन, बैंक खाते, फैक्टरी, सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर, आभूषण आदि शामिल हैं। कुल मिलाकर इस मामले में 2,565.90 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त या कुर्क की गईं हैं।
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