नई दिल्ली: लोकसभा में हंगामे और बार-बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार और लोकसभा स्पीकर पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सदन में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया, जिसके कारण पूरा दिन बेकार चला गया।
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सोमवार को मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि यह बहुत दुखद है कि संसद में आकर विपक्ष को बिना बोले ही लौटना पड़ता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को एक मिनट के लिए भी बोलने नहीं दिया गया, जो पूरी तरह गलत है। प्रियंका गांधी ने कहा, “यह हास्यास्पद है। विपक्ष के नेता को बोलने की इजाज़त नहीं दी जाती। यह लोकतंत्र नहीं है। हम संसद में आखिर किस लिए आते हैं? उन्हें बोलने देना चाहिए।” यह बयान ऐसे समय आया जब राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने के विरोध में विपक्षी दलों ने सदन में विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
#WATCH | Delhi | Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, “It is very sad that we go to the House (Lok Sabha) and just come out. The Leader of the Opposition is not allowed to speak even for one minute. It is ridiculous. This is not democracy. What are we coming here for? They… pic.twitter.com/hKyfGIWbfF
— ANI (@ANI) February 9, 2026
राहुल गांधी ने भी सदन में कहा कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि बजट चर्चा से पहले उन्हें कुछ मुद्दे उठाने का मौका दिया जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि स्पीकर ने अपने वादे से पीछे हटते हुए उन्हें बोलने नहीं दिया। राहुल गांधी ने सदन में कहा, “एक घंटे पहले स्पीकर ने वादा किया था कि मुझे बोलने दिया जाएगा। अब आप उस वादे से मुकर रहे हैं। मैं जानना चाहता हूं कि मुझे बोलने की इजाज़त मिलेगी या नहीं।” वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर लगातार सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया।
#WATCH | Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “The agreement is that we’ll be allowed to say these points and then the discussion should happen. So we are quite keen that the discussion happens. We want oh the discussion to happen, but now let us see what the… https://t.co/z76GTvxQOI pic.twitter.com/HrAOeTnapU
— ANI (@ANI) February 9, 2026
इस बीच, प्रियंका गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के एक बयान पर भी कड़ा विरोध जताया। स्पीकर ने कहा था कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट तक जा सकते हैं और कोई अप्रिय घटना हो सकती है, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री से सदन में न आने का अनुरोध किया था। प्रियंका गांधी ने इस आरोप को गलत और अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि महिला सांसद प्रधानमंत्री पर हाथ नहीं उठा सकतीं और ऐसा सोचना भी शर्मनाक है। प्रियंका गांधी ने कहा, “मेरे सहित 11 महिला कांग्रेस सांसद हैं और सभी बहुत जिम्मेदार हैं। यह बयान पूरी तरह गलत है और सरकार के दबाव में दिया गया है। प्रधानमंत्री में सदन में आने की हिम्मत नहीं थी, इसलिए स्पीकर से ऐसा बयान दिलवाया गया।”
#WATCH | Delhi | On Opposition to move no-confidence motion against Lok Sabha Speaker Om Birla, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, “I have already said that the Speaker was insulted and he is pressurized so much that he himself has to make statements. The women MPs cannot… pic.twitter.com/H0RJVLatmt
— ANI (@ANI) February 9, 2026
इसके बाद कांग्रेस की महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी ने उनके खिलाफ झूठे, बेबुनियाद और मानहानिकारक आरोप लगाए हैं। महिला सांसदों ने कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और संसद के नियमों के तहत किया गया था, फिर भी उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया गया। पत्र में यह भी कहा गया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी को लगातार चार दिनों तक बोलने नहीं दिया गया, जबकि एक बीजेपी सांसद को पूर्व प्रधानमंत्रियों पर अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणी करने की अनुमति दी गई।
सांसदों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने उस बीजेपी सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, तो स्पीकर ने पहले अपनी गलती मानी, लेकिन बाद में कहा कि वह सरकार के जवाब का इंतज़ार करेंगे। इससे यह संकेत मिलता है कि अब स्पीकर ऐसे मामलों में स्वतंत्र रूप से फैसला नहीं कर पा रहे हैं।