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आसाराम को हाईकोर्ट से लगा बड़ा झटका, इस मामले में उम्रकैद की सजा बरकरार, अब करना होगा सरेंडर

Asaram High Court

Asaram Latest News : राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ ने आसाराम द्वारा यौन शोषण मामले में मिली आजीवन कारावास की सजा को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी। इस मामले में बुधवार को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। जहां, अदालत ने आसाराम की पूरी सजा खत्म करने से इनकार कर दिया और उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा।

हाईकोर्ट ने क्या कहा
हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें जस्टिस अरुण कुमार मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित शामिल थे,  ने अपने फैसले में कहा कि आसाराम को पूरी तरह से निर्दोष नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने उसकी अपील को खारिज कर दिया।

हालांकि अदालत ने कुछ धाराओं में उसे राहत दी है। कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट की कुछ गैर-जमानती धाराओं, आईपीसी की गैंगरेप और साजिश रचने से जुड़ी धाराओं में उसे दोषी नहीं माना। लेकिन दुष्कर्म, यौन शोषण, पॉक्सो एक्ट और जेजे एक्ट से जुड़ी गंभीर धाराओं में निचली अदालत द्वारा दी गई सजा को सही माना गया है। इसका मतलब यह है कि आसाराम की आजीवन कारावास की सजा जारी रहेगी।

सेवादार शरतचंद्र और शिल्पी को मिली राहत
हाईकोर्ट ने इस मामले में आसाराम के सेवादार शरतचंद्र और शिल्पी को पूरी तरह से आरोप मुक्त कर दिया है। अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित नहीं माना।

पीड़िता के वकील पीसी सोलंकी ने कहा कि अदालत ने आसाराम की सजा पर कोई रोक नहीं लगाई है। उन्होंने बताया कि सजा बरकरार है, सिर्फ कुछ धाराओं में राहत दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि शरतचंद्र और शिल्पी को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाएगी।

अब आसाराम को करना होगा सरेंडर
फैसले के बाद आसाराम को वापस जेल में सरेंडर करना होगा। फिलहाल वह अंतरिम जमानत पर बाहर चल रहा है।

20 अप्रैल को पूरी हुई थी सुनवाई
इस मामले में 20 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हुई थी। आसाराम और उसके सेवादारों की ओर से वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत, दीपक मेनारिया और यशपाल सिंह राजपुरोहित ने पक्ष रखा था। वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी और पीड़िता की ओर से अधिवक्ता पीसी सोलंकी ने अपनी दलीलें पेश की थीं। सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है।

फिलहाल अंतरिम जमानत पर बाहर है आसाराम
आसाराम को सजा सुनाए जाने के बाद जोधपुर जेल में रखा गया था। स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए ही उसे जेल से बाहर लाया जाता था। मार्च 2024 में पहली बार इलाज के लिए उसे 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली थी। इसके बाद समय-समय पर उसकी जमानत बढ़ाई जाती रही। वर्तमान में भी वह अंतरिम जमानत पर बाहर है और हाल ही में उसकी जमानत की अवधि 7 जुलाई तक बढ़ाई गई है।

जमानत के लिए कई अदालतों में लगाई गईं याचिकाएं
जेल में रहते हुए आसाराम की ओर से जमानत के लिए कई याचिकाएं दायर की गई थीं। उसके वकीलों ने निचली अदालत, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक में गुहार लगाई थी। काफी लंबी सुनवाई के बावजूद वर्ष 2024 से पहले उसे कहीं से राहत नहीं मिली। मार्च 2024 में पहली बार इलाज के आधार पर उसे अस्थायी जमानत मिली, जिसके बाद लगातार उसे राहत मिलती रही।

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