Last Updated: November 7, 2026

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बर्फ से सोना: चीन की विंटर स्पोर्ट्स क्रांति की कहानी

April 12, 2026

बर्फ से सोना: चीन की विंटर स्पोर्ट्स क्रांति की कहानी

इंटरनेशनल डेस्क: जब भी चीन की अर्थव्यवस्था की बात होती है, ज़्यादातर लोग टेक्नोलॉजी, फैक्ट्रियों और बड़े शहरों के बारे में सोचते हैं। लेकिन पिछले 10–12 सालों में चीन ने एक ऐसे खेल सेक्टर में ज़बरदस्त निवेश किया है, जिसे पहले सिर्फ अमीर लोगों का शौक माना जाता था… वह है विंटर स्पोर्ट्स। आज यही “बर्फ का खेल” चीन की अर्थव्यवस्था में एक नए “सफेद सोने” की तरह चमक रहा है।

चीन ने पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह अपनी ‘विंटर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री’ या ‘आइस एंड स्नो इकॉनमी’ को खड़ा किया है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। आइए समझते हैं कि कैसे चीन ने बर्फ को सोने में बदल दिया और महज़ दो दशकों में विंटर स्पोर्ट्स की दुनिया में एक नई ताकत बनकर उभरा।

चीन में विंटर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का सफर

इस कहानी की शुरुआत 2015 से होती है, जब बीजिंग को 2022 विंटर ओलिंपिक्स की मेज़बानी मिली। उसी समय चीन ने तय किया कि वह सिर्फ ओलिंपिक्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोगों को भी इन खेलों से जोड़ेगा।

उस समय चीन में विंटर स्पोर्ट्स की कोई खास परंपरा नहीं थी। लोग स्कीइंग को देखते ज़रूर थे, लेकिन खुद हिस्सा नहीं लेते थे। लेकिन बदलाव तेज़ी से आया।

2016 में इस इंडस्ट्री का आकार करीब 35 अरब युआन था। यह उस समय छोटा लग सकता था, लेकिन 2024 तक यह बढ़कर 108 अरब युआन हो गया। 2025 की शुरुआत तक यह लगभग 970 अरब युआन तक पहुंच गया। अनुमान है कि 2025 के अंत तक यह 1 ट्रिलियन युआन को पार कर चुका है। ये आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं हैं, बल्कि बदलती जीवनशैली का संकेत हैं।

बीजिंग विंटर ओलिंपिक्स ने बदली तस्वीर

बीजिंग विंटर ओलिंपिक्स इस सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित हुआ। ओलिंपिक्स के दौरान और उसके बाद चीन में विंटर स्पोर्ट्स के प्रति ज़बरदस्त उत्साह देखा गया।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ओलिंपिक्स के बाद 30 करोड़ से ज़्यादा लोग किसी न किसी रूप में विंटर स्पोर्ट्स से जुड़े। यह संख्या कई देशों की कुल आबादी से भी ज़्यादा है।

चीन की सफलता के पीछे उसका मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी एक बड़ा कारण है। आज चीन में दुनिया के सबसे ज़्यादा स्की रिसॉर्ट्स हैं… करीब 719। इसके अलावा 2,847 विंटर स्पोर्ट्स सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें आइस रिंक, स्की रिसॉर्ट, ट्रेनिंग सेंटर और इनडोर सुविधाएं शामिल हैं।

इनडोर स्कीइंग: गर्म शहरों में ठंडी दुनिया

चीन की इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा है इनडोर स्कीइंग का तेज़ विकास। अब आप ऐसे शहर में भी स्कीइंग कर सकते हैं, जहां बाहर तेज़ गर्मी हो।

दुनिया के 10 सबसे बड़े इनडोर स्की सेंटरों में से 7 चीन में हैं। शांगहाई का “L+Snow” और हार्पिन का “बोनस्की” जैसे सेंटर 65,000 वर्ग मीटर से भी बड़े हैं और यहां साल भर बर्फ रहती है। शनचन में दुनिया का सबसे बड़ा इनडोर स्की रिसॉर्ट बनाया जा रहा है।

इससे दक्षिण चीन के वे लोग, जिन्होंने कभी असली बर्फ नहीं देखी थी, अब स्कीइंग में माहिर हो रहे हैं।

हार्पिन: पर्यटन का उभरता केंद्र

चीन की ‘आइस इकॉनमी’ का सबसे जीवंत उदाहरण है हार्पिन शहर। पूर्वोत्तर चीन का यह शहर अब विंटर टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।

पिछली सर्दियों में यहां साढ़े 8 करोड़ से ज़्यादा पर्यटक आए। इन पर्यटकों ने शहर की अर्थव्यवस्था में अरबों युआन का योगदान दिया। हार्पिन का ‘आइस एंड स्नो फेस्टिवल’ दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करता है, जहां बर्फ से बनी विशाल इमारतें और मूर्तियां देखने को मिलती हैं।

हार्पिन ने यह साबित कर दिया है कि बर्फ सिर्फ जमा हुआ पानी नहीं, बल्कि रोज़गार और पर्यटन का मज़बूत साधन भी बन सकती है। आज यह शहर सर्दियों में वीरान नहीं, बल्कि ऊर्जा और रौनक से भरा रहता है।

विंटर स्पोर्ट्स: भविष्य की दिशा

चीन की विंटर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री की यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है। यह तो बस शुरुआत है। 2015 में देखा गया सपना अब करोड़ों लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है।

बड़ा बाज़ार, बेहतर सुविधाएं और लोगों का उत्साह… ये तीनों मिलकर चीन को इस क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। 2024 में स्टेट काउंसिल ने एक नई योजना जारी की, जिसका लक्ष्य है कि 2030 तक इस सेक्टर का आकार 1.5 ट्रिलियन युआन तक पहुंचे।

राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने विंटर स्पोर्ट्स को “सोने का पहाड़” कहा है। यह बात अब अतिशयोक्ति नहीं लगती। चीन ने जिस तरह इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है और इन खेलों को आम जीवन का हिस्सा बनाया है, वह वाकई एक सोने की खान जैसा है।

आने वाले समय में विंटर स्पोर्ट्स सिर्फ खेल नहीं रहेंगे, बल्कि एक पूरी जीवनशैली बन जाएंगे। और यही इस पूरी कहानी की असली सफलता होगी। 

(अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप (CGTN हिन्दी), बीजिंग)

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