Supreme Court new judges: सुप्रीम कोर्ट में 5 नए न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाले कॉलेजियम ने हाल ही पांच नामों की सिफारिश राष्ट्रपति को भेजी थी। इनमें चार अलग-अलग हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शामिल हैं, जबकि एक वरिष्ठ अधिवक्ता का नाम भी सूची में शामिल है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इन नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है। इसकी जानकारी केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दी।
अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर लिखा, “भारत के संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद न्यायमूर्ति शील नागू (पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट), न्यायमूर्ति चंद्रशेखर (बॉम्बे हाईकोर्ट), न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा (मध्य प्रदेश हाईकोर्ट), न्यायमूर्ति अरुण पल्ली (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट) तथा वरिष्ठ अधिवक्ता वी. सुब्रमणि मोहना को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है। मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं।”
In exercise of the power conferred by clause (2) of Article 124 of the Constitution of India, the President of India, after consultation with Chief Justice of India, is pleased to appoint the following as Judges of the Supreme Court of India. I convey my best wishes to them:- pic.twitter.com/WxHaRYWF6p
— Arjun Ram Meghwal (@arjunrammeghwal) June 1, 2026
वकालत से SC के न्यायाधीश बनने तक का सफर
वी. सुब्रमणि मोहना उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने वकालत से सीधे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनने तक का सफर तय किया है। वह ऐसे परिवार में जन्मीं, जिसका कानून के पेशे से कोई संबंध नहीं था। वर्ष 1983 में जब भारत में पहली बार पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम शुरू किया गया, तब उन्होंने कोयंबटूर के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज के पहले बैच में प्रवेश लिया था।
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संसद में पेश होगा विधेयक
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। सरकार संसद के अगले सत्र में इससे संबंधित विधेयक पेश करेगी। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद वर्ष 1956 के संबंधित कानून में संशोधन किया जाएगा। संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का अधिकार संसद के पास है। कानून लागू होने के बाद रिक्त पदों को भरने के लिए कॉलेजियम नए नामों की सिफारिश कर सकेगा।
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मेष: दिन शुभ रहेगा...