नई दिल्ली: जैसे ही 2026 का नया साल शुरू हुआ, देशभर की निगाहें मोदी सरकार के आगामी Union Budget 2026-27 पर टिकी हैं। हर साल की तरह इस बार भी आम लोग और व्यापारिक समुदाय टैक्स छूट, आर्थिक राहत और महंगाई पर नियंत्रण की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लेकिन इस बार चर्चा केवल बजट की घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी तारीख भी मुख्य विषय बन गई है।
दरअसल, इस साल 1 फरवरी रविवार को पड़ रहा है, जिससे कई लोगों के मन में सवाल था कि क्या छुट्टी के दिन बजट पेश होगा या तारीख बदल जाएगी। अब इस सवाल का जवाब सामने आया है।
1 फरवरी को पेश होने की पूरी संभावना
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स (CCPA) ने संसद के बजट सत्र के लिए 28 जनवरी की तारीख प्रस्तावित की है। वहीं, आम बजट हर साल की तरह 1 फरवरी को ही पेश करने की तैयारी में है। हालांकि अंतिम फैसला अभी होना बाकी है, लेकिन सरकारी गलियारों में माना जा रहा है कि रविवार होने के बावजूद बजट की तारीख नहीं बदलेगी। ऐसा सरकार इसलिए करना चाहती है ताकि देश के वित्तीय कामों में नियम और भरोसा बना रहे।
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बजट सत्र में हो सकती हैं नई पहल
संसद का बजट सत्र साल का पहला सत्र होता है, जो राष्ट्रपति के भाषण के साथ शुरू होता है। इस बार सत्र की शुरुआत 28 और 31 जनवरी को हो सकती है। आमतौर पर यह सत्र दो हिस्सों में चलता है, ताकि बीच के ब्रेक के दौरान मंत्रालयों के खर्च और योजनाओं की समीक्षा की जा सके। शीतकालीन सत्र की तरह इस बजट सत्र में भी सरकार कई नए कानून और योजनाएं पेश कर सकती है।
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हर साल 1 फरवरी क्यों?
कई लोगों के मन में ये सवाल हो सकता है कि आखिर हर साल बजट 1 फरवरी को ही क्यों पेश किया जाता है। आपको बता दें, 2017 से पहले बजट फरवरी के आखिरी हफ्ते में पेश किया जाता था। लेकिन सरकार ने इसे बदलकर 1 फरवरी तय कर दिया ताकि वित्तीय वर्ष की शुरुआत 1 अप्रैल से पहले बजट की मंजूरी पूरी हो सके। तभी से 1 फरवरी को ‘बजट डे’ के रूप में फिक्स किया गया है।
इस बार भी यही परंपरा जारी रहने की संभावना है, और देश की निगाहें सरकार के आर्थिक फैसलों पर टिकी हैं।
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