देहरादूनः उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में खेत में पानी लगाने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। इस हिंसक घटना में बजरंग दल के नेता विनोद कुमार की मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
युवकों ने किया जानलेवा हमला
मिली जानकारी के अनुसार सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में खेत की सिंचाई को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने के बाद कुछ युवक एकत्र होकर पहुंचे और विनोद कुमार समेत दूसरे पक्ष के लोगों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में विनोद कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
घटना के बाद घायल लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने विनोद कुमार को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं दो अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
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दो समुदायों के बीच बढ़ा तनाव
मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण गांव और आसपास के क्षेत्रों में तनाव फैल गया है। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे।
हाईवे पर उतरे सैकड़ों लोग
विनोद कुमार की मौत से नाराज लोगों ने मुख्य हाईवे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
बुलडोजर कार्रवाई की भी उठी मांग
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग भी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर दोषियों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। देहरादून के कई थानों की पुलिस फोर्स को गांव में तैनात किया गया। इसके अलावा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी (प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी) के जवानों को भी बुलाया गया है।
प्रदर्शनकारियों को समझाने में जुटे अधिकारी
रातभर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को शांत करने और स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश करते रहे। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि पीड़ित पक्ष की तहरीर मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें बनाई गई हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
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