Last Updated: October 7, 2026

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श्रीलंका की जेल में थे अधिक कैदी, लापरवाही बनी 25 की मौत का कारण

July 6, 2026

श्रीलंका की जेल में थे अधिक कैदी, लापरवाही बनी 25 की मौत का कारण

Violent clash between prisoners leaves 25 dead : कोलंबो। श्रीलंका की जेल में हिंसा ने 25 कैदियों को लील लिया। क्षमता से अधिक कैदियों को रखना इस झड़प का कारण बना।

लापरवाही पड़ी भारी, गंवानी पड़ी जान

यह झड़प जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। इस घटना ने पूरे श्रीलंका को भी झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हिंसा इतनी भयावह थी कि इसमें जेल के चार सुरक्षाकर्मियों सहित 25 कैदियों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। घटना के बाद सुरक्षा बलों को जेल परिसर में तैनात कर स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए विशेष अभियान चलाना पड़ा।

ड्रग गैंगवार से भड़का सबसे बड़ा दंगा

श्रीलंका की इस भयावह जेल हिंसा ने देश की कानून-व्यवस्था और जेल प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। बता दें कि श्रीलंका की जेल में हुए इस भीषण झड़प को पिछले पांच सालों का सबसे घातक जेल दंगा बताया जा रहा है। यह घटना राजधानी कोलंबो के उत्तर में स्थित नेगोम्बो शहर की मुख्य जेल की है। पुलिस के मुताबिक, जेल में बंद ड्रग माफियाओं के दो विरोधी गुटों के बीच रविवार रात को यह विवाद शुरू हुआ, जिसने सोमवार सुबह तक एक बड़े दंगे का रूप ले लिया।

घटना के बाद जागा जेल प्रशासन

घटना के बाद जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हिंसा कैसे शुरू हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। फिलहाल जेल के अंदर हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घायलों को कराया अस्पताल में भर्ती

हिंसक झड़प के बाद घायलों को तुरंत पास के नेगोम्बो सरकारी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल की निदेशक पुष्पा गमलाथ ने बताया कि उनके अस्पताल में अब तक 2 शव लाए जा चुके हैं। इसके अलावा, 100 से ज्यादा घायल कैदियों और गार्ड्स को भर्ती कराया गया है। अस्पताल निदेशक ने बताया कि घायलों में से कुछ को गोलियां लगी हैं, जबकि कुछ के शरीर पर धारदार हथियारों के गहरे घाव और चोटों के निशान हैं। गौरतलब है कि रिपोर्ट की माने तो नेगोम्बो जेल में क्षमता से कहीं ज्यादा कैदी बंद हैं।

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