
पुणोः राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि लंबित आरक्षण मुद्दे पर मराठा युवाओं की भावनाएं ‘मजबूत‘ हैं और सरकार इसे नजरअंदाज नहीं कर सकती। पवार परिवार द्वारा आयोजित वार्षिक दिवाली मेला के अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यहां नए साल के जश्न के लिए आने वाले लगभग 70 प्रतिशत लोग युवा हैं। पवार ने कहा, कि ‘कोटा मुद्दे पर गेंद केंद्र के पास है, सरकार जनता की भावनाओं की उपेक्षा नहीं कर सकती। सरकार को हाल की सर्वदलीय बैठक में सहमत निर्णयों को लागू करना चाहिए।‘
राकांपा सुप्रीमो ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी मराठा मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया, लेकनि पछिले सप्ताह कुछ लोगों ने यह गलत धारणा बनाने का प्रयास किया कि वह ओबीसी जाति से हैं। पवार ने कहा कि नए साल के जश्न के लिए पूरे महाराष्ट्र, खासकर कोंकण और विदर्भ क्षेत्रों से लोग यहां आ रहे हैं और वह जनता की भावनाओं से केंद्र को अवगत कराएंगे, साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सप्ताह कुछ न कुछ हो जाएगा। दिवाली और नए साल के त्योहारों के लिए प्रतिद्वंद्वी राकांपा गुटों के सदस्यों के एकजुट होने की राजनीतिक अटकलों का जिक्र करते हुए, पवार ने स्वीकार किया कि ‘इस साल, स्थिति थोड़ी अलग है।‘
इससे पहले, राकांपा की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया था कि अजित पवार और अन्य के बीच प्रतिद्वंद्विता ‘विशुद्ध रूप से वैचारिक‘ है और इसका पारिवारिक संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ता है। सुबह से ही एनसीपी (एपी) से अलग हुए धड़े के नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित हजारों लोग बारामती के गोविंद बाग स्थित पवार के आवास पर एकत्र हो रहे हैं, जहां पवार और सुले ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और हाथ जोड़कर अपने सभी प्रशंसकों का अभिनंदन स्वीकार किया। कई राकांपा कार्यकर्ताओं, पवार के प्रशंसकों और आम लोगों को हाथ जोड़कर कतार में खड़े देखा गया और जब उनकी बारी आई तो वे मुस्कुराते हुए शरद पवार के पैर छूने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए झुके, इसके जवाब में उन्होंने कुछ लोगों की पीठ थपथपाई।
मेष: दिन शुभ रहेगा...