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‘पवन खेड़ा प्रवक्ता नहीं, जयराम रमेश का तोता है’, मणिशंकर अय्यर के बयान से कांग्रेस में घमासान

Pawan Khera not a spokesperson, he is Jairam Ramesh's parrot

Pawan Khera not a spokesperson, he is Jairam Ramesh's parrot

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर तीखा हमला बोल दिया है। यह विवाद केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की तारीफ से शुरू हुआ, जिसने पार्टी के अंदर सियासी हलचल तेज कर दी है।

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क्या कहा था अय्यर ने?
तिरुवनंतपुरम में एक कार्यक्रम के दौरान मणिशंकर अय्यर ने पिनरई विजयन की मौजूदगी में कहा कि वे दोबारा केरल के मुख्यमंत्री बनेंगे। उनके इस बयान को कांग्रेस की आधिकारिक लाइन से अलग माना गया, क्योंकि केरल में कांग्रेस और वाम दल आमने-सामने चुनाव लड़ते हैं। अय्यर के इस बयान के बाद पार्टी के कई नेताओं ने नाराजगी जताई।

पवन खेड़ा और जयराम रमेश की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने अय्यर के बयान से पार्टी को अलग करते हुए कहा कि अय्यर पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस की सक्रिय गतिविधियों से जुड़े नहीं हैं और वे अपनी व्यक्तिगत हैसियत में बयान देते हैं।वहीं पार्टी महासचिव (संचार) जयराम रमेश की प्रतिक्रिया के बाद मामला और गरमा गया।

 

अय्यर का तीखा पलटवार
मणिशंकर अय्यर ने पवन खेड़ा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा अधिकृत प्रवक्ता नहीं, बल्कि “एक कठपुतली” हैं। अय्यर ने आरोप लगाया कि पवन खेड़ा वही बोलते हैं जो जयराम रमेश कहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में लाखों लोग हैं जो उनसे बेहतर प्रवक्ता बन सकते हैं। अय्यर ने तंज कसते हुए कहा, “ये प्रवक्ता नहीं, तोता है।”

 गठबंधन को लेकर सवाल
अय्यर ने यह भी सवाल उठाया कि जब राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस वाम दलों के साथ गठबंधन करती है, तो केरल में पिनरई विजयन की तारीफ करने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उन्होंने इसे पार्टी के अंदर दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।

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बढ़ा सियासी विवाद
इस बयानबाज़ी के बाद कांग्रेस के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। एक तरफ पार्टी नेतृत्व अय्यर के बयान से दूरी बना रहा है, वहीं अय्यर खुलकर पार्टी प्रवक्ताओं की आलोचना कर रहे हैं। फिलहाल यह मामला कांग्रेस के अंदरूनी टकराव को और उजागर करता नजर आ रहा है।

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