
पंजाब डेस्क: चंडीगढ़ के सेक्टर-53/54 स्थित प्रसिद्ध फर्नीचर मार्केट में रविवार सुबह प्रशासन ने एक सख्त कार्रवाई करते हुए लगभग 116 दुकानों को बुलडोजर से ढहा दिया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और क्षेत्र की दोनों ओर की सड़कों को बंद कर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई लंबे समय से लटके अतिक्रमण हटाने के अभियान का हिस्सा रही।
कई पुरानी दुकानों पर चला बुलडोजर
इस फर्नीचर मार्केट में अधिकांश दुकानें 1986 से चल रही थीं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जिस जमीन पर यह बाजार चल रहा था, वह वर्ष 2002 में अधिगृहीत कर ली गई थी और उसे सेक्टर-53, 54 व 55 के तीसरे चरण के विकास के लिए आरक्षित किया गया है। दुकानदारों का तर्क है कि उन्होंने वर्षों तक यहां कारोबार किया और वैकल्पिक स्थान की मांग की, जिसे प्रशासन ने ठुकरा दिया।

वैधानिक प्रक्रिया पूरी, पूर्व सूचना भी दी गई
प्रशासन के अनुसार दुकानदारों को 22 जून 2024 को नोटिस जारी किया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि वे एक सप्ताह के भीतर स्वयं अपनी दुकानें हटाएं और जमीन खाली करें। इसके बावजूद कुछ दुकानदारों ने स्थान नहीं छोड़ा। इससे पहले भी मुनादी कराकर चेतावनी दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
प्रशासन ने इस कार्रवाई को जायज ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2020 के “इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाम मनोहरलाल” केस का हवाला दिया है। इस फैसले के अनुसार, सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को वैध नहीं ठहराया जा सकता और ऐसे मामलों में अवैध कब्जाधारियों को कोई विशेष प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।
दुकानदारों में आक्रोश, राहत की उम्मीद नहीं
इस कार्रवाई के चलते दुकानदारों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत और निवेश एक झटके में मिटा दिया गया। उन्होंने वैकल्पिक स्थान की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर विचार नहीं किया। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि यह भूमि पहले से ही अधिग्रहित है और संबंधित मूल भू-स्वामियों को उचित मुआवजा भी दिया जा चुका है।