चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को कहा कि भाजपा पंजाब पर हरियाणा को अतिरिक्त पानी छोड़ने के लिए दबाव बनाकर अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। उन्होंने कहा कि वे भगवा पार्टी को राज्य के खिलाफ अपने नापाक इरादों में सफल नहीं होने देंगे।
एक बयान में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि हरियाणा और राजस्थान राज्यों को हर वर्ष 21 मई से 21 मई के चक्र तक राज्य के जल में हिस्सा आवंटित किया जाता है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य ने इस वर्ष मार्च माह में अपने हिस्से का सारा पानी उपयोग कर लिया है, जिसके कारण वे अब पंजाब से पानी छीनकर कुछ और पानी हड़पने की कोशिश कर रहे हैं।
भगवंत सिंह मान ने आंकड़े देते हुए कहा कि अब तक हरियाणा ने अपने आवंटित पानी का 103 प्रतिशत इस्तेमाल कर लिया है और अब भाजपा पंजाब पर हरियाणा को और अधिक पानी जारी करने का दबाव बना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से भाजपा इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) का अवैध रूप से इस्तेमाल कर रही है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनके पूर्ववर्ती भाजपा में अपने आकाओं को खुश करने के लिए इस तरह की उदारता दिखाते थे, लेकिन राज्य के जल के संरक्षक के रूप में वह इसे कभी धीमा नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब ने अपनी नहरी जल प्रणाली को उन्नत किया है, जिसके कारण अब आगामी धान के मौसम के मद्देनजर राज्य के किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पानी की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पंजाब के पास अन्य राज्यों के साथ साझा करने के लिए पानी की एक बूंद भी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य ने पहले ही मानवीय आधार पर हरियाणा को 4000 क्यूसेक पानी दिया है ताकि उनकी पेयजल जरूरतों को पूरा किया जा सके।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में पानी की स्थिति पहले ही खराब है और रणजीत सिंह डैम और पौंग डैम में पानी पिछले साल इसी समय के मुकाबले 39 फुट और 24 फुट कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार के दबाव में आने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि यह राज्य के किसानों से जुड़ा मामला है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यह अवैध खेल खेलने की बजाय पाकिस्तान के साथ बहुचर्चित सिंधु जल संधि को रद्द करके चिनाब, झेलम, उझ और अन्य नदियों का पानी राज्य की ओर मोड़ना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस संधि से बचा हुआ अतिरिक्त पानी धान के सीजन से पहले पूरे उत्तरी क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार को हम पर अवैध रूप से दबाव बनाने की बजाय अपने हिस्से के पानी का विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भाजपा को इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए क्योंकि पानी राज्य और उसके किसानों की जरूरत है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब राष्ट्रीय खाद्य भंडार में 185 मीट्रिक टन धान का योगदान देता है और वह भाजपा के ऐसे नखरों के आगे नहीं झुकेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य के पास किसी अन्य राज्य के साथ साझा करने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि पानी की एक भी बूंद किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकांश ब्लॉकों में अत्यधिक दोहन हो चुका है और राज्य में भूजल की स्थिति बहुत खराब है। इसी तरह भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के अधिकांश नदी संसाधन सूख चुके हैं, इसलिए सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य को अधिक पानी की जरूरत है।
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