DGP Mohammad Mustafa : पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और उनकी पत्नी, राज्य की पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, अब अपने बेटे अकील अख्तर की रहस्यमयी मौत के मामले में जांच के घेरे में आ गए हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 16 अक्टूबर को पंचकूला में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए अकील की मौत को लेकर एफआईआर दर्ज की है।
सीबीआई ने बताया कि यह मामला हत्या के शक पर दर्ज किया गया है, जिसमें अकील के परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे तनाव को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। एजेंसी अब मौत की परिस्थितियों, घटनास्थल की स्थिति और मेडिकल साक्ष्यों की गहराई से पड़ताल करेगी।
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सीबीआई के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि एजेंसी ने 6 नवंबर को औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज की। बयान के अनुसार, “अकील अख्तर, जो पंचकूला के सेक्टर 4 स्थित अपने निवास पर रहते थे, 16 अक्टूबर को मृत पाए गए। प्रारंभिक जांच में यह मामला संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस से जांच अपने हाथ में लेकर सीबीआई ने मामला दर्ज किया है।”
पोस्टमार्टम की आंतरिक रिपोर्ट ने इस केस में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अकील के दाहिने हाथ में कोहनी के नीचे इंजेक्शन का निशान मिला है। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि यह निशान किसी सिरिंज के उपयोग का संकेत हो सकता है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि अकील ने कोई ड्रग स्वयं लिया था या किसी ने उसे इंजेक्शन दिया।
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प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अकील लंबे समय से नशे की लत से जूझ रहा था। डॉक्टरों ने उसकी आदत को “क्रॉनिक सब्सटेंस अब्यूज़” बताया है, परंतु कौन-सा पदार्थ वह लेता था, इस पर अभी रिपोर्ट स्पष्ट नहीं है।
अपने बेटे की मौत पर पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने भावुक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “एक पिता के लिए अपने इकलौते बेटे को खोने से बड़ा कोई दर्द नहीं। अकील 18 वर्षों से ड्रग्स की लत से संघर्ष कर रहा था। मुझे यकीन है कि उसकी मौत ओवरडोज़ से हुई है, न कि किसी साजिश से।” उन्होंने यह भी कहा कि “अगर जांच में मैं दोषी पाया गया, तो मैं फांसी पर चढ़ने को तैयार हूं।”
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