चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य में आम जनता को बड़ी राहत देते हुए नए बिजली कनेक्शनों की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। ऊर्जा मंत्री संजय अरोड़ा ने घोषणा की कि अब पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) आवेदकों से NOC या बिल्डिंग संबंधी अन्य अनुमतियाँ लिए बिना नए बिजली कनेक्शन जारी करेगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत नागरिकों को जरूरी सेवाएँ सरल और तेज़ तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पहले थी लंबी प्रक्रिया, अब मिलेगा तुरंत लाभ
अरोड़ा ने बताया कि पहले नए बिजली कनेक्शन के लिए लोगों को नगर निगम, GMADA, GLADA, JDA, PDA, BDA जैसे स्थानीय निकायों के चक्कर लगाने पड़ते थे ताकि वे NOC, बिल्डिंग प्लान या नियमितीकरण प्रमाणपत्र जैसी मंजूरियाँ प्राप्त कर सकें। इन विभागों से कागज़ात मिलने में देरी के कारण आम उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि इस समस्या का एक व्यावहारिक समाधान निकाला जाए और अब वह व्यवस्था लागू कर दी गई है।
नई बिजली नीति में क्या है नया?
आवेदक को यह घोषणा देनी होगी कि अगर भविष्य में कोई सक्षम प्राधिकरण उसके भवन को अवैध घोषित करता है, तो उसका बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है। उपभोक्ता को सामान्य शुल्कों के साथ-साथ सेवा कनेक्शन शुल्क के बराबर अतिरिक्त राशि सुरक्षा जमा के रूप में देनी होगी, ताकि भविष्य में कनेक्शन हटाने की स्थिति में खर्च की भरपाई हो सके।यह पूरी प्रक्रिया सप्लाई कोड 2024 के नियमों के अनुरूप होगी।
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सरकार का दावा ‘हर घर को मिलनी चाहिए बुनियादी सुविधाएँ’
ऊर्जा मंत्री अरोड़ा ने कहा कि नई व्यवस्था एक ओर जनता को राहत देगी, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की सुरक्षा और नियमन की जरूरतों को भी पूरा करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का मानना है कि हर परिवार को बिजली जैसी आवश्यक सेवा उपलब्ध होना उसका अधिकार है, और कोई भी नागरिक केवल दस्तावेज़ीय देरी के कारण इन सुविधाओं से वंचित नहीं होना चाहिए।
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